उदयपुर। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी की पहल पर संभाग स्तरीय घूमर महोत्सव का आयोजन किया गया। यह महोत्सव शहर के गांधी ग्राउंड में भव्य रूप से आयोजित हुआ, जिसमें 200 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में घूमर नृत्य प्रस्तुत किया।

राज्य सरकार की ओर से यह पहला ऐसा प्रयास है, जिसमें पारंपरिक नृत्य को संभाग स्तर पर युवाओं और आमजन के सामने लाया गया। सरकार का उद्देश्य है कि युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहे और पारंपरिक कला का महत्व समझे।

घूमर नृत्य, जिसे आमतौर पर शादियों, तीज और धार्मिक त्योहारों पर प्रस्तुत किया जाता है, राजस्थान की पहचान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है। इस आयोजन में भाग लेने वाली महिलाओं ने बताया कि इस तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से न केवल युवाओं में संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि उन्हें अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में भी मदद मिलती है।

इस महोत्सव ने दर्शकों को राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता का अद्भुत अनुभव कराया। प्रशासन और राज्य सरकार के अधिकारियों ने भी आयोजन की सराहना की और कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक हैं और राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

घूमर महोत्सव न केवल महिलाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करता है, बल्कि राजस्थान की लोक कला और परंपराओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर भी है।

Pratahkal Bureau

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