डिजिटल हरित क्रांति–2026 को मिली नई रफ्तार, देशी पौधारोपण के लिए डिजिटल मूल्यांकन समिति गठित
डिजिटल हरित क्रांति–2026 के तहत देशी पौधारोपण अभियान के लिए डिजिटल मूल्यांकन समिति गठित हुई। जानिए कौन करेगा सत्यापन और कैसे होगा सम्मान।

तस्वीर में कार्यक्रम से जुड़े पदाधिकारी बैठक के दौरान डिजिटल हरित क्रांति–2026 अभियान की जानकारी साझा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
उदयपुर। नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑफ़ द भारत के मार्गदर्शन में संचालित 'डिजिटल हरित क्रांति–2026' अभियान के अंतर्गत भारतीय देशी पौधों के व्यापक पौधारोपण को प्रभावी, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से संचालित करने के उद्देश्य से डिजिटल मूल्यांकन समिति का गठन किया गया है। समिति प्रतिभागियों द्वारा भेजे गए पौधारोपण के वीडियो एवं फोटो का डिजिटल माध्यम से अवलोकन, सत्यापन, मूल्यांकन और अभिलेखीकरण करेगी।
अभियान का मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में भारतीय देशी पौधों के रोपण को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता फैलाना तथा हरित भारत के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में पद्मश्री श्याम सुंदर पालीवाल (पिपलांत्री, राजसमंद) मार्गदर्शन देंगे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुनील दुबे (पारिस्थितिकी वैज्ञानिक, उदयपुर) तथा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ललित नारायण आमेटा, राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सीईओ, नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑफ़ द भारत, संपूर्ण अभियान का संचालन करेंगे।
डिजिटल मूल्यांकन प्रक्रिया में डॉ. कनक लता जैन (गुवाहाटी, असम) एवं करनजीत कौर (मोहाली, पंजाब) ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभागियों द्वारा भेजे गए वीडियो एवं फोटो का अवलोकन एवं सत्यापन करेंगी। कार्यक्रम की सह-समन्वयक डॉ. मोनिका रघुवंशी (बीकानेर) होंगी, जबकि डॉ. राकेश वशिष्ठ, वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादकीय लेखक (जोधपुर), राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं समन्वयक के रूप में डिजिटल माध्यम से अपनी भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. ललित नारायण आमेटा ने बताया कि डिजिटल मूल्यांकन समिति भारतीय देशी पौधों के पौधारोपण संबंधी वीडियो का निर्धारित मानकों के अनुसार मूल्यांकन करेगी। इस प्रक्रिया में पौधों की गुणवत्ता, संरक्षण एवं रखरखाव की स्थिति का आकलन, डिजिटल अभिलेख एवं आवश्यक प्रलेखन तैयार करना तथा उत्कृष्ट प्रतिभागियों के चयन के लिए अनुशंसा करना शामिल होगा।
उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को पौधारोपण का वीडियो, पौधे का नाम तथा लगाए गए पौधों की संख्या सहित डिजिटल अभिलेख निर्धारित माध्यम से भेजना होगा। सभी पात्र प्रतिभागियों को राष्ट्रीय डिजिटल प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा, जबकि श्रेष्ठ प्रतिभागियों को महाराणा प्रताप राष्ट्रीय सम्मान समारोह–2026 में सम्मानित किया जाएगा। डिजिटल मूल्यांकन समिति के गठन के साथ अभियान में पारदर्शिता, गुणवत्ता और व्यवस्थित अभिलेखीकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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