उदयपुर की राजनीतिक फिजा में उस समय सरगर्मी तेज हो गई जब पूर्व विधायक धर्मनारायण जोशी ने राज्यपाल पंजाब महामहिम गुलाबचंद कटारिया और मांगीलाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर अपनी चुप्पी तोड़ी है। मामला तब तूल पकड़ा जब राज्यपाल कटारिया ने उदयपुर में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जोशी पर अकारण, अनावश्यक और पूर्वाग्रहपूर्ण टिप्पणियां कीं। इस घटनाक्रम के बाद परशुराम जयंती के पांच दिवसीय आयोजन के दौरान मांगीलाल ने जोशी पर समाज को तोड़ने का आरोप मढ़ दिया। मांगीलाल ने सार्वजनिक मंच से यह भी कहा कि गुलाब जी उनके मित्र हैं, वे अभी निहत्थे खड़े हैं और वे ढाल बनकर उनकी रक्षा करेंगे।

इन आरोपों के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। धर्मनारायण जोशी ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया कि इस पूरे प्रकरण में उन्होंने अब तक मीडिया में एक भी इंटरव्यू नहीं दिया है, जबकि उनके विरुद्ध लगातार सात से आठ इंटरव्यू दिए जा चुके हैं। जोशी ने कहा कि अतीत में भी उन्होंने कभी इन महानुभावों के विरुद्ध कोई टिप्पणी नहीं की थी। उन्होंने बताया कि स्वयं को बेकसूर बताते हुए और वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए उनके पास पत्र लिखने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। यही कारण है कि न चाहते हुए भी उन्हें राज्यपाल कटारिया और मांगीलाल को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखने के लिए बाध्य होना पड़ा है। इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ है।

Pratahkal HQ

Pratahkal HQ

Next Story