धरियावद: कांग्रेस का जन-आक्रोश प्रदर्शन, बिजली-पानी की समस्या पर घेरी सरकार
धरियावद में कांग्रेस ने अघोषित बिजली कटौती और पेयजल संकट के खिलाफ रैली निकालकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

धरियावद। धरियावद क्षेत्र में व्याप्त अघोषित बिजली कटौती, भीषण पेयजल संकट, अनियंत्रित महंगाई और बदहाल कानून व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने एक विशाल जन-आक्रोश रैली निकालकर उपखंड कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और धरना दिया। ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय से आरंभ हुई यह रैली नगर के पुराना बस स्टैंड और हनुमान चौराहा होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंची। रैली में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने कांग्रेस के झंडे थामकर सरकार विरोधी नारों के साथ अपना आक्रोश व्यक्त किया। 45 डिग्री सेल्सियस के भीषण तापमान के बावजूद कार्यकर्ताओं में जनहित के मुद्दों को लेकर स्पष्ट उत्साह और जोश देखने को मिला।
प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक नगराज मीणा, पूर्व जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह राणावत, ब्लॉक अध्यक्ष घनश्याम पुरी, उपजिला प्रमुख सागरमल बोहरा, प्रदीप कोठारी, नेता प्रतिपक्ष नाथूलाल मीणा, मदन सिंह घटेला, मुंशी भाई, केबी मीणा, जसवंत कोठारी, यूथ कांग्रेस से खानूराम मीणा और हरीश लबाना सहित अन्य प्रमुख नेताओं ने केंद्र एवं राज्य की 'डबल इंजन' सरकार को हर मोर्चे पर विफल करार दिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में महंगाई चरम पर है, जिससे आम जनता का जीवन कठिन हो गया है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार में भ्रष्टाचार के साथ पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर भी तीखे प्रहार किए गए। धरियावद के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करते हुए नेताओं ने सरकारी कार्यालयों में आमजन से वसूली और व्याप्त अफसरशाही पर गहरी चिंता जताई। पूर्व विधायक ने स्पष्ट कहा कि राजनीतिक द्वेष के चलते कांग्रेस कार्यकाल में स्वीकृत और निर्मित 100 बेड का अस्पताल अब तक प्रारंभ नहीं किया गया है, जबकि माही नदी पर 14 करोड़ की लागत से स्वीकृत पुलिया निर्माण कार्य भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
धरना प्रदर्शन के दौरान एक नाटकीय घटनाक्रम में, जब कांग्रेस पदाधिकारी ज्ञापन सौंपने उपखंड कार्यालय नहीं पहुंचे, तो उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया स्वयं पैदल चलकर सड़क किनारे धरना स्थल पर पहुंचे। कांग्रेस नेता संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उपखंड अधिकारी ने प्रमुख विभागों के अधिकारियों को तत्काल धरना स्थल पर तलब किया। भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने धरना स्थल पर खड़े होकर प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें सुनीं और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया। प्रदर्शन के दौरान उमड़ी भारी भीड़ और सड़क पर जाम की स्थिति के कारण यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

