मेनार के दर्शन मेनारिया को वन्यप्राणी मित्र और वन विभाग को मिला मछली पुरस्कार
जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उदयपुर के पर्यावरणविद् दर्शन मेनारिया और वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को वन्यजीव संरक्षण के लिए सम्मानित किया गया।

राजस्थान में पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में दिया जाने वाला सबसे प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय पुरस्कार समारोह सोमवार को राजधानी जयपुर के पैलेस रोड स्थित होटल आईटीसी राजपूताना में गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया (WWF India) और प्रभा खेतान फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस पुरस्कार वितरण के छठे संस्करण में उदयपुर संभाग ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए दोनों प्रमुख श्रेणियों में बाजी मारी है। कार्यक्रम के दौरान प्रभा खेतान फाउंडेशन की अपरा कुछल व वी ककड़, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (हॉफ) पीके उपाध्याय, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक के.सी.ए. अरुण प्रसाद, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वाइल्डलाइफ एंड हैबिटैट डायरेक्टर यश सेठिया, राज्य समन्वयक अरुण सोनी तथा प्रसिद्ध पर्यावरणविद् हर्षवर्धन सिंह जैसे गणमान्य उपस्थित रहे। विजेताओं का चयन भारतीय वन सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी राहुल भटनागर, राजस्थान वाइल्डलाइफ बोर्ड के सदस्य राजपाल सिंह एवं विक्रम सिंह की विशेषज्ञ जूरी द्वारा किया गया।
प्रदेश भर से आए नामांकनों में से वन विभाग उदयपुर उत्तर डिवीजन के अंतर्गत रामसर साइट मेनार के पर्यावरणविद दर्शन मेनारिया को 'वन्यप्राणी मित्र पुरस्कार' से नवाजा गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ 50 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई। मेनारिया को यह सम्मान मेनार वेटलैंड कॉम्प्लेक्स के खेरोदा तालाब को रामसर साइट में सम्मिलित करवाने की दिशा में किए गए उनके विशिष्ट प्रयासों हेतु दिया गया है। वहीं, रणथंभौर की सुप्रसिद्ध बाघिन 'मछली' (T-16) की स्मृति में दिया जाने वाला 'मछली पुरस्कार' इस वर्ष वन विभाग उदयपुर वन्यजीव मंडल के उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वाड) को मिला। टीम लीडर रेंज ऑफिसर सीताराम मीणा के नेतृत्व में अजीत सिंह राणावत, जितेंद्र सिंह, द्वारका प्रसाद शर्मा और अशोक नारायण जोशी को संयुक्त रूप से प्रशस्ति पत्र और 1.50 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई, जिसमें प्रत्येक सदस्य को 30 हजार रुपये प्राप्त हुए।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया के स्टेट कॉर्डिनेटर अरुण सोनी ने पुरस्कारों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वन्यप्राणी मित्र पुरस्कार मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने वाले व्यक्तियों और समुदायों को दिया जाता है, जबकि मछली पुरस्कार वन विभाग के उन कर्मचारियों को समर्पित है जो क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करते हैं। समारोह में अन्य श्रेणियों के अंतर्गत कैलादेवी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी से राम लाल गुर्जर, शेरगढ़ से अनीता कुमारी और रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व से सरोज कुंवर को सम्मानित किया गया। साथ ही वन्य प्राणी संरक्षण के लिए हनुमानगढ़ के अनिल बिश्नोई और जालौर के पीरा राम धायल को भी प्रशस्ति पत्र एवं 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की गई। कार्यक्रम का समापन यश सेठिया के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए इन प्रहरियों के योगदान को राज्य के लिए गौरवपूर्ण बताया।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
