कुक कम हेल्पर को राखी पर 1100 रुपये सहायता की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
नयागांव में कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर रक्षा बंधन पर 1100 रुपये की सहायता की मांग की। समिति ने कुक हेल्परों के साथ भेदभाव, मानदेय और स्थायीकरण का मुद्दा उठाया।

तस्वीर में कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के सदस्य नयागांव कार्यालय के बाहर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
नयागांव, 18 अगस्त 2026। कुक हेल्पर संघर्ष समिति ने उपखंड अधिकारी नयागांव के माध्यम से श्रीमान मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथीन और आशा सहयोगिनी की तरह सरकारी विद्यालयों व मदरसों में पोषाहार बनाने वाले कुक कम हेल्पर को भी रक्षा बंधन के अवसर पर दी जा रही 1100 रुपये की सहायता राशि दिलाने की मांग की।
कुक ललिता ने बताया कि 17 अगस्त 2026 की दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर से जानकारी मिली कि राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथीन और आशा सहयोगिनी को रक्षा बंधन का त्योहार मनाने के लिए 1100 रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में जमा किए हैं। उन्होंने कहा कि जीवन में बिना कभी छुट्टी लिए रोजाना बच्चों को खाना बनाकर परोसने वाली भोजन माताओं के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
कुक काउडी ने बताया कि कुक कम हेल्पर को स्थायी करना हो, उनका वेतन बढ़ाना हो या सुविधाएं देनी हों, विभाग और सरकार ने हमेशा इन्हें नजरअंदाज किया है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार और प्रशासन सबसे ज्यादा पीड़ित और अभावग्रस्त तथा सबसे नीचे के तबके कुक कम हेल्पर को इंसान ही नहीं मानते।
कुक हिना ने बताया कि मिड डे मिल योजना में राजस्थान के 66341 सरकारी स्कूलों में पोषाहार पकाने वाले एक लाख से अधिक कुक हेल्पर काम कर रहे हैं, जिनमें 98 हजार से अधिक महिलाएं हैं। इनमें भी नब्बे प्रतिशत से ज्यादा विधवा महिलाएं नियोजित हैं, जिनके घर का गुजारा केवल इसी मानदेय से चलता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन कुक को राखी का त्योहार मनाने के लिए कभी भी सहायता नहीं दी।
पूनम चंद ने बताया कि सभी तरह की महिलाओं को राखी का त्योहार मनाने के लिए विशेष सहायता मिलनी चाहिए, लेकिन केवल कुछ ही महिलाओं को सहायता राशि देकर सरकार झूठी वाहवाही लूट रही है।
कुक पारू बाई ने कहा कि कुक कम हेल्पर के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के सलाहकार नाना भगत ने बताया कि खेरवाड़ा की समिति ने भी मुख्यमंत्री को इसी तरह ज्ञापन भेजा है। समिति की ओर से ज्ञापन प्रेषक हिना परमार हैं। कुक कम हेल्परों ने 1100 रुपये की सहायता राशि की मांग के साथ उनके स्थायीकरण, वेतन वृद्धि और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों की ओर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया है।

Dharnendra Jain( Kherwara)
नाम: धरणेन्द्र जैन
वर्तमान पद: सीनियर रिपोर्टर (प्रातः काल दैनिक, खेरवाड़ा विधानसभा)
कार्यक्षेत्र: खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र (खेरवाड़ा, ऋषभदेव, और नयागांव उपखंड क्षेत्र, जिला उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों की खबरें
अनुभव: 30 वर्ष से अधिक
परिचय
धरणेन्द्र जैन उदयपुर जिले के खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के एक अत्यंत अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातः काल दैनिक' में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वह मुख्य रूप से खेरवाड़ा, ऋषभदेव और नयागांव उपखंड क्षेत्र को कवर करते हैं। धरणेन्द्र जैन राजनीति, क्राइम, स्थानीय प्रशासन सहित क्षेत्र के सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
धरणेन्द्र जैन को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशकों (30 वर्ष) से अधिक का व्यापक और लंबा अनुभव है:
- वह साल 1995 से पत्रकारिता क्षेत्र में निरंतर कार्यरत हैं।
- उन्होंने वर्ष 1998 से 2018 तक लगातार 20 वर्षों तक 'दैनिक भास्कर' में खेरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सीनियर रिपोर्टिंग की है।
- वर्ष 2018 से वह लगातार 'प्रातः काल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं और क्षेत्र की कमान संभाल रहे हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
