खेरवाड़ा में कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति ने सरकारी विद्यालयों एवं मदरसों में पोषाहार बनाने वाली कुक कम हेल्पर को रक्षाबंधन के अवसर पर ₹1100 की सहायता राशि देने की मांग की है। समिति ने उपखंड अधिकारी नयागांव के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर यह मांग उठाई।

ज्ञापन में कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, साथीन एवं आशा सहयोगिनी को रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए ₹1100 की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से दी गई है। वहीं, सरकारी विद्यालयों में रोजाना बच्चों के लिए पोषाहार तैयार करने वाली कुक कम हेल्पर को इस सहायता से वंचित रखा गया है।

समिति ने इसे कुक कम हेल्पर के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार बताते हुए समान रूप से ₹1100 की सहायता राशि देने की मांग की। समिति के अनुसार, राजस्थान के सरकारी विद्यालयों में एक लाख से अधिक कुक कम हेल्पर कार्यरत हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है।

ज्ञापन में कुक कम हेल्पर को स्थायी करने, मानदेय बढ़ाने तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।

इस दौरान हिना परमार, ललिता, काउडी, हिना, पूनम चंद, पारू बाई सहित कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति के सलाहकार नाना भगत एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। समिति ने चेतावनी दी कि कुक कम हेल्पर के साथ किए जा रहे भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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