खेरवाड़ा: कुक कम हेल्परों ने वेतन वृद्धि और बकाया भुगतान के लिए खोला मोर्चा, चेतावनी दी आंदोलन की
उदयपुर के खेरवाड़ा में कुक कम हेल्परों ने वेतन वृद्धि और बकाया मानदेय के लिए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। चार साल से अनसुनी मांगों के बाद अब इन्होंने आंदोलन की चेतावनी दी है। जानिए क्या है पूरा मामला और क्यों आहत हैं ये कर्मी।

उदयपुर के खेरवाड़ा में कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति ने लंबित मांगों और बकाया मानदेय को लेकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
खेरवाड़ा में कुक कम हेल्पर संघर्ष समिति, उदयपुर के बैनर तले एकत्रित हुए कुक कम हेल्परों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष एक कड़ा रुख अपना लिया है। समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए व्यवस्था में सुधार की पुरजोर मांग की है। प्रदर्शनकारी कर्मियों ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से अपनी मांगों को लेकर वे निरंतर संघर्षरत हैं, परंतु शासन-प्रशासन के स्तर पर उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
ज्ञापन में मुख्य रूप से कुक कम हेल्परों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अंतर्गत कुशल श्रमिक का दर्जा प्रदान करने और उसी अनुरूप वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग रखी गई है। कर्मियों ने 'बाल गोपाल योजना' के तहत दूध गर्म करने के लिए देय मानदेय के एक वर्ष से अधिक समय से बकाया होने पर गहरा रोष व्यक्त किया। इसके अतिरिक्त, वर्ष भर के 12 महीने का वेतन देने, हर 50 विद्यार्थियों पर एक कुक की नियुक्ति सुनिश्चित करने और विद्यालयों में गैस सिलेंडर, पेयजल व बर्तनों की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
समिति की सदस्यों लक्ष्मी बाई और कांता बाई ने स्पष्ट किया कि उन्हें न केवल पोषाहार पकाने का कार्य करना पड़ता है, बल्कि विद्यालय परिसर की साफ-सफाई जैसे अतिरिक्त कार्यों का बोझ भी उन पर डाला जाता है, जिसका कोई मेहनताना नहीं मिलता। गौतम लाल ने इस स्थिति को शोषणकारी करार देते हुए प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाए। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आगामी एक माह के भीतर मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे पोषाहार पकाने का कार्य बंद करने के साथ ही तीव्र आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। ज्ञापन सौंपने से पूर्व खेरवाड़ा, नयागांव एवं धुलेव क्षेत्र के कर्मियों ने खेल मैदान में एक संयुक्त बैठक कर आगामी 28 जून को विस्तृत रणनीति तय करने का निर्णय लिया है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
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