उदयपुर। सविना ग्रामीण क्षेत्र में उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा की गई तोड़फोड़ कार्रवाई के विरोध में सोमवार को शहर और देहात कांग्रेस इकाइयों ने यूडीए कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, जिस प्रदर्शन को लेकर भारी भीड़ की उम्मीद जताई जा रही थी, वह उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका। शहर और देहात कांग्रेस के कई प्रमुख नेता इस दौरान नदारद रहे, जिससे प्रदर्शन का प्रभाव फीका पड़ गया।

सुबह से ही यूडीए परिसर के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, क्योंकि शहर और देहात कांग्रेस के संयुक्त प्रदर्शन से बड़ी भीड़ जुटने की संभावना थी। मगर जब प्रदर्शनकारी मौके पर पहुंचे, तो दृश्य कुछ और ही था — प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं की संख्या इतनी कम थी कि उन्हें आसानी से गिना जा सकता था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच भी इस बात की चर्चा रही कि जिलाध्यक्ष पद के लिए जितने दावेदार सामने आए थे, यदि वे अपने कुछ समर्थकों को साथ लेकर आते तो प्रदर्शन अधिक प्रभावशाली हो सकता था।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने यूडीए और भाजपा नेताओं के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उनका आरोप था कि सविना ग्रामीण ग्राम पंचायत के बड़ीगढ़ कोटडियां फलां क्षेत्र में बिना पूर्व नोटिस के तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई, जो प्रभावित परिवारों के साथ अन्याय है। कांग्रेस पदाधिकारियों ने यूडीए के बाहर विरोध जताते हुए दोषी नेताओं, भू-माफियाओं और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यूडीए के मुख्य गेट से भीतर जाने का प्रयास किया। गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया, जिस पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए दो बार अंदर घुसने की कोशिश की। पुलिस ने भी जवाब में उन्हें पीछे धकेला। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता गेट पर चढ़ गए, जिससे अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ देर तक धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही।

कांग्रेसी नेताओं का कहना था कि वे सीधे यूडीए आयुक्त राहुल जैन को ज्ञापन सौंपना चाहते हैं, जबकि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कमिश्नर अनुपस्थित हैं और ज्ञापन सचिव को दिया जा सकता है। इस बात पर कार्यकर्ता अड़ गए और कमिश्नर को बाहर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार हंगामे के बीच पुलिस ने उन्हें पीछे धकेला और प्रदर्शन स्थल पर व्यवस्था बहाल की गई।

प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन यूडीए अधिकारियों को सौंपते हुए मांग की कि मामले में निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़, देहात कांग्रेस अध्यक्ष कचरू लाल चौधरी, गोपाल शर्मा, पंकज शर्मा, सुरेश सुथार, दिनेश श्रीमाली, अरुण टांक, महिला कांग्रेस की नजमा मेवाफरोश, सीमा पंचोली और हर्षवर्धन सिंह केलावत सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

यूडीए के बाहर का यह विरोध प्रदर्शन प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि संख्या में सीमित, परंतु इस प्रदर्शन ने एक बार फिर यूडीए की कार्रवाइयों को लेकर उठ रहे सवालों को सुर्खियों में ला दिया है।

Pratahkal Bureau

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