वल्लभनगर में खाद की कमी और मुआवजे की मांग को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन को दिया 7 दिन का अल्टीमेटम
उदयपुर के वल्लभनगर में कांग्रेस ने किसानों की खाद की कमी, डीएलसी दरों और फसल मुआवजे की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया। अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की समस्याओं और कालाबाजारी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र में किसानों की बढ़ती समस्याओं ने सोमवार को एक बार फिर राजनीतिक उठापटक को जन्म दिया। पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने क्षेत्र में यूरिया और डीएपी खाद की कमी तथा कालाबाजारी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
पूर्व विधायक शक्तावत ने बताया कि रबी सीजन की बुवाई का अहम समय गुजर जाने के बाद भी खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसानों में भारी असंतोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लगभग 20 प्रतिशत किसान मजबूरी में बिना खाद के ही बुवाई करने को मजबूर हुए हैं, जबकि 80 प्रतिशत किसान अब तक बुवाई शुरू नहीं कर पाए हैं। किसानों का आरोप है कि लंबी लाइनों और प्रयासों के बावजूद प्रत्येक किसान को केवल एक बैग खाद दिया जा रहा है, जबकि लघु और सीमांत किसानों को पांच बैग और बड़े किसानों को 40 बैग तक की आवश्यकता होती है।
कृषि विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से व्यापारियों द्वारा खाद की कालाबाजारी की जा रही है। स्थानीय किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य से 50 से 200 रुपये अधिक वसूले जा रहे हैं। इसके अलावा, ग्रामीण अंचल में डीएलसी दरों में भारी वृद्धि ने गरीब और लघु किसानों को जमीन खरीदने में असमर्थ बना दिया है। पहले 540 वर्गमीटर (लगभग पाव बीघा) तक ही बीघा दर लागू होती थी, लेकिन अब 9 विस्वा से ही बीघा दर वसूली जा रही है।
इस बार क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण लगभग 95 प्रतिशत फसलें नष्ट हो गई हैं। किसानों का कहना है कि बीज, खाद और अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है और केसीसी ऋण भी चुका पाने की स्थिति नहीं है। समय पर गिरदावरी न होने के कारण फसल बीमा योजना का लाभ भी किसानों से छिन गया, जबकि उनके खातों से बीमा राशि कट चुकी थी।
कांग्रेस ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देते हुए खाद की तत्काल उपलब्धता, डीएलसी दरों में कटौती और फसल मुआवजा अविलंब जारी करने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सात दिन के भीतर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा और उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
साथ ही, कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन के दौरान राजनीतिक द्वेष के चलते कांग्रेस शासनकाल में लगाए गए कई शिलान्यास और लोकार्पण पट्टिकाओं को तोड़ दिया गया है। वाना, नाडियाखेड़ी, अगोरिया–मेनपुरिया, बरोडिया–नीलकंठ महादेव, रतनपुर सराय–वल्लभनगर और बागथल–तारावट जैसी कई जगहों से पट्टिकाएं क्षतिग्रस्त या चोरी कर ली गई हैं। सूचना देने के बावजूद संबंधित थानों में न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। कांग्रेस ने शिलान्यास पट्टिकाओं को तोड़ने वालों की पहचान कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
इस मौके पर एआईसीसी सदस्य एवं पूर्व विधायक प्रीति गजेंद्र सिंह शक्तावत, ब्लॉक अध्यक्ष चन्द्रेश मेनारिया, भीण्डर ब्लॉक अध्यक्ष खेमराज मीणा, सरपंच संघ जिलाअध्यक्ष माधव लाल अहीर, संगठन महामंत्री डालचन्द नागदा, युवा ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण डांगी, नगर पालिका चेयरमैन प्रतिनिधि राजकुमार गुर्जर, नगर अध्यक्ष लच्छी राम गुर्जर समेत कई वरिष्ठ और युवा कार्यकर्ता, पंचायत समिति सदस्य और ईकाई अध्यक्ष उपस्थित रहे।
वल्लभनगर क्षेत्र में किसानों की यह मांग और विरोध प्रदर्शन स्थानीय प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती बन गया है। आगामी सात दिनों में प्रशासन की कार्रवाई इस संघर्ष का परिणाम तय करेगी।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
