मावली में कांग्रेस की फजीहत: ज्ञापन देने पहुंचे मात्र चार कार्यकर्ता, ब्लॉक अध्यक्ष पर फूटा आक्रोश!
मावली विधानसभा में कांग्रेस की सांगठनिक कमजोरी उजागर! विधानसभा स्तरीय ज्ञापन कार्यक्रम में पहुंचे मात्र चार कार्यकर्ता। ब्लॉक अध्यक्ष पर मनमानी और उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कार्यकर्ताओं ने पार्टी की जमीनी हकीकत पर उठाए सवाल। सोशल मीडिया बनाम धरातल की इस लड़ाई में क्या बिखर रही है मावली कांग्रेस? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

मावली। मेवाड़ की राजनीति में अहम स्थान रखने वाली मावली विधानसभा में कांग्रेस की जमीनी पकड़ पर एक बार फिर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। जिस पार्टी के पास हजारों कार्यकर्ताओं का दावा रहता है, उसी कांग्रेस की जमीनी हकीकत उस समय सार्वजनिक रूप से तार-तार हो गई जब विधानसभा स्तर के एक महत्वपूर्ण ज्ञापन कार्यक्रम में मात्र चार कार्यकर्ताओं की उपस्थिति दर्ज की गई। यह दृश्य न केवल हैरान करने वाला था, बल्कि संगठन के भीतर गहरे तक पैठ बना चुकी अंतर्कलह और कार्यकर्ताओं के असंतोष को भी उजागर कर गया।
घटनाक्रम के अनुसार, विधानसभा स्तर पर जनसमस्याओं या संगठन के निर्देशानुसार ज्ञापन देने का कार्यक्रम तय किया गया था। उम्मीद थी कि बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता अपनी ताकत दिखाएंगे, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर सन्नाटा पसरा रहा और केवल चार कार्यकर्ता ही वहां पहुंचे। इस फ्लॉप शो के बाद कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर संगठन के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया।
वहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने मावली कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन में इन दिनों केवल मनमानी का बोलबाला है। कार्यकर्ताओं का स्पष्ट आरोप है कि ब्लॉक अध्यक्ष के एकतरफा फैसलों और तानाशाही रवैये के कारण वर्षों से पार्टी के लिए पसीना बहाने वाले समर्पित कार्यकर्ता आज खुद को उपेक्षित और अपमानित महसूस कर रहे हैं। यही कारण है कि धीरे-धीरे कार्यकर्ताओं ने पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाना शुरू कर दिया है।
कार्यकर्ताओं ने तीखे लहजे में कहा कि कांग्रेस आज केवल सोशल मीडिया की पार्टी बनकर रह गई है। फेसबुक और व्हाट्सएप पर तो संगठन बहुत सक्रिय और मजबूत दिखाई देता है, लेकिन धरातल पर न तो एकता बची है और न ही सांगठनिक मजबूती। अंदरूनी खींचतान और नेतृत्व द्वारा कार्यकर्ताओं की अनदेखी ने पार्टी की जड़ें खोखली कर दी हैं। ज्ञापन कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की यह न्यूनतम उपस्थिति उसी नाराजगी का एक सार्वजनिक विस्फोट है। यह घटना मावली कांग्रेस के भविष्य की एक चिंताजनक तस्वीर पेश करती है, जो इशारा करती है कि यदि समय रहते अंदरूनी कलह को नहीं सुलझाया गया, तो आने वाले समय में पार्टी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

Pratahkal Bureau
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