खेरवाड़ा, ग्राम पंचायत ढिंकवास क्षेत्र में सामुदायिक वन अधिकार पत्र जारी किए जाने के मामले ने ग्रामीणों के बीच सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी निलेश कुमार कलाल को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और कथित रूप से नियम विरुद्ध जारी किए गए वन अधिकार पत्र निरस्त करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पंचायत ढिंकवास क्षेत्र की विभिन्न भूमि पर वर्ष 2023 में सामुदायिक वन अधिकार पत्र जारी किए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित भूमि के संबंध में पूर्व में वर्ष 2008 एवं 2010 में भी वन अधिकार से संबंधित कार्रवाई की जा चुकी है तथा पूर्व में वन अधिकार पत्र दिए जा चुके हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में सामुदायिक वन अधिकार पत्र जारी करने की प्रक्रिया में ग्राम पंचायत, वन विभाग एवं राजस्व विभाग के स्तर पर नियमानुसार प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। साथ ही ग्रामीणों एवं संबंधित वन अधिकार समिति के सदस्यों को इसकी पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।

ज्ञापन में पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने तथा वर्ष 2023 में जारी किए गए सामुदायिक वन अधिकार पत्रों की प्रक्रिया एवं दस्तावेजों का परीक्षण करने की मांग की गई। ग्रामीणों ने यह भी मांग रखी कि दर्शित खसरा संख्या पर 2006 से पूर्व से काश्तकारी खेती कर रहे व्यक्तियों के व्यक्तिगत दावे प्राप्त किए जाएं और काश्तकारों को वन अधिकार पत्र दिलवाए जाएं।

ग्रामीणों की मांग का केंद्र वर्ष 2023 में जारी सामुदायिक वन अधिकार पत्रों की प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों की जांच और पात्र काश्तकारों के व्यक्तिगत दावों पर कार्रवाई है।

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