सामूहिक करवा चौथ : परंपरा संग एकजुटता
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करेगा बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और एकजुटता की मिसाल भी बनेगा। इसमें महिलाएँ एक मंच पर एकत्र होकर पारंपरिक विधियों के साथ व्रत संपन्न करेंगी।

करवा चौथ सामूहिक पूजा, उदयपुर
उदयपुर। त्याग, प्रेम और विश्वास का प्रतीक करवा चौथ इस वर्ष उदयपुर में एक नए स्वरूप में मनाया जाएगा। समाज के परिवारों को आर्थिक बोझ और व्यक्तिगत व्यवस्थाओं की कठिनाइयों से राहत दिलाने के उद्देश्य से श्री सेन वरिष्ठ नागरिक मंडल उदयपुर ने पहली बार सामूहिक करवा चौथ उद्यापन का आयोजन करने का निर्णय लिया है। यह आयोजन आगामी 10 अक्टूबर 2025 को ओसवाल भवन, मुखर्जी चौक, उदयपुर में आयोजित होगा।
इस सामूहिक पहल की घोषणा मंडल के संस्थापक संरक्षक राजेंद्र सेन की अध्यक्षता में हाल ही में संपन्न बैठक में की गई। बैठक में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि करवा चौथ जैसे पवित्र पर्व को सामूहिक रूप से मनाया जाए, ताकि समाज की महिलाएं एक ही मंच पर आकर अपनी परंपराओं का निर्वहन कर सकें। इस निर्णय से समाज में न केवल आर्थिक और व्यक्तिगत कठिनाइयाँ कम होंगी, बल्कि आपसी सौहार्द और एकता की भावना भी और प्रगाढ़ होगी।
मंडल के अध्यक्ष अशोक कुमार सांखला ने जानकारी दी कि वर्षों से यह भावना व्यक्त की जा रही थी कि मंडल अपने सदस्यों के परिवारजनों के लिए ऐसा आयोजन करे, जिससे सभी को एक साझा मंच पर जुड़ने का अवसर मिले। इसी भावना को साकार करने के लिए 10 अक्टूबर को सामूहिक करवा चौथ उद्यापन रखा गया है। इसके लिए पंजीयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और समाज की महिलाओं का उत्साह इस पहल को लेकर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
करवा चौथ का पर्व भारतीय संस्कृति में पत्नी द्वारा अपने पति की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के लिए उपवास करने का पर्व माना जाता है। परंपरागत रूप से महिलाएं इस दिन सूर्योदय से चंद्रमा के दर्शन तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए उपवास रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारायण करती हैं। सामूहिक आयोजन में इन धार्मिक अनुष्ठानों को एक साथ सम्पन्न करने से न केवल महिलाओं को एकजुट होने का अवसर मिलेगा, बल्कि यह परंपरा समाज में नई पीढ़ी के लिए भी प्रेरणादायी बनेगी।
कार्यक्रम स्थल ओसवाल भवन को विशेष रूप से सजाया जाएगा, जहां पूजा-अर्चना के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएँ की जाएंगी। मंडल ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सहभागी परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी के लिए आयोजन सुलभ व व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। आयोजन समिति के अनुसार, इस अवसर पर समाज की महिलाएं पारंपरिक परिधान और आभूषण धारण कर सामूहिक रूप से व्रत कथा और पूजा विधि का आयोजन करेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे सामूहिक आयोजन समाज के भीतर न केवल धार्मिक आस्था को जीवित रखते हैं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने को भी मजबूत बनाते हैं। व्यक्तिगत स्तर पर किए जाने वाले अनुष्ठानों की तुलना में सामूहिक अनुष्ठान अधिक सहभागिता और भाईचारे का अनुभव कराते हैं।
श्री सेन वरिष्ठ नागरिक मंडल उदयपुर की यह पहल परंपरा और आधुनिकता का संगम मानी जा रही है। जहां एक ओर यह आयोजन प्राचीन संस्कारों की पुनर्पुष्टि करता है, वहीं दूसरी ओर सामूहिकता के माध्यम से समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य भी करता है। आगामी 10 अक्टूबर को होने वाला यह सामूहिक उद्यापन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम होगा, बल्कि समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण का सशक्त उदाहरण भी प्रस्तुत करेगा।
इस प्रकार, उदयपुर में होने वाला यह पहला सामूहिक करवा चौथ उद्यापन समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जो आने वाले वर्षों में अन्य सामाजिक संगठनों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
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Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
