उदयपुर में शीतलहर का तांडव: कोहरे की सफेद चादर में लिपटे वल्लभनगर और भटेवर, ठिठुरन ने थामी रफ्तार
उदयपुर जिले के वल्लभनगर और भटेवर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भीषण शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। NH-48 पर विजिबिलिटी घटने से वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं फसलों पर पाला पड़ने की आशंका से किसान चिंतित हैं। जानिए उदयपुर में बढ़ती ठंड और मौसम के बदलते मिजाज की पूरी रिपोर्ट।

उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के ग्रामीण अंचलों में प्रकृति के बदले मिजाज ने जनजीवन को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया है। जिले के वल्लभनगर, भटेवर और आसपास के तमाम गांवों में अचानक आई शीतलहर ने सर्दी के प्रकोप को चरम पर पहुंचा दिया है। शनिवार को सूर्यदेव के दर्शन दुर्लभ रहे और समूचा क्षेत्र घने कोहरे की सफेद चादर में लिपटा नजर आया। हाड़ कंपा देने वाली इस ठंड से बचने के लिए लोग दिनभर अलाव का सहारा लेते दिखे, जिससे ग्रामीण इलाकों में सुबह से शाम तक अलाव की लौ ही जीवन की सुगबुगाहट का केंद्र बनी रही।
मौसम के इस तीखे तेवर का सबसे ज्यादा असर आवागमन और कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग 48 पर दृश्यता (विजिबिलिटी) इतनी कम रही कि वाहन चालकों को दिन के उजाले में भी हेडलाइट जलाकर रेंगने पर मजबूर होना पड़ा। कोहरे के कारण लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं दूसरी ओर, पारा गिरने से खेतों में खड़ी फसलों पर पाला पड़ने का खतरा मंडराने लगा है। किसान अपनी मेहनत को बचाने के लिए खेतों में मशक्कत करते दिखाई दिए, क्योंकि पाला पड़ने की आशंका ने अन्नदाताओं की चिंता को कई गुना बढ़ा दिया है। प्रशासन ने भी गिरते तापमान को देखते हुए आमजन को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

Hemant Ameta, Udaipur
हेमंत अमेटा उदयपुर से प्रात:काल के लिए समाचार कवर करने वाले अनुभवी रिपोर्टर हैं। वे स्थानीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की खबरों को सटीक और निष्पक्ष दृष्टिकोण से पाठकों तक पहुँचाने के लिए समर्पित हैं। हेमंत अपने तेज़ रिफ्लेक्स और खबरों की गहन जांच के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को हर अपडेट समय पर और भरोसेमंद जानकारी के साथ मिलती है।
