गोगुंडा में मंदिर प्रांगण में झड़प ; घायल व्यक्ति ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट
गोगुंडा के मंदिर प्रांगण में पूजा के दौरान विवाद के बाद मारपीट की घटना घटी। घायल व्यक्ति ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। आरोप है कि पत्थर से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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उदयपुर। जिले के गोगुंडा थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ मंदिर में पूजा के दौरान विवाद के बाद मारपीट होने का मामला सामने आया है। घटना ने स्थानीय समुदाय में चिंता और सनसनी पैदा कर दी है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है, जबकि घायल व्यक्ति का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रायसिंह, पुत्र किशन सिंह निवासी श्रीमालीयों की कड़िया बड़गांव, अपने गांव के देवरे में आयोजित पूजा कार्यक्रम में मौजूद थे। पूजा पाठ के दौरान रायसिंह और पप्पू सिंह, पुत्र नाथूसिंह के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद ने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि पप्पू सिंह ने रायसिंह पर हमला कर गंभीर चोट पहुंचाई और जान से मारने की धमकी दी।
घटना स्थल पर मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी ने सभी को भी मारने की धमकी दी। आरोप है कि उसने एक पत्थर उठाकर रायसिंह के सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और बेहोश हो गया। घायल को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
घटना के बाद रायसिंह ने गोगुंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, लेकिन प्रारंभिक कार्रवाई न होने की शिकायत की। उसके बाद पुलिस ने उसे गोगुंडा चिकित्सालय में ले जाकर मेडिकल कराया और थाने में ले जाकर एक खाली कागज पर हस्ताक्षर करवाए, उसके बाद उसे घर भेज दिया। हालांकि, पप्पू सिंह के खिलाफ तत्काल कार्यवाही नहीं की गई।
स्थानीय पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले को गंभीरता से लेते हुए अब गोगुंडा पुलिस ने पप्पू सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस ने आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में जानकारी जुटाने का काम शुरू कर दिया है।
इस मामले ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा और कानून के पालन को लेकर सवाल उठाए हैं। मंदिर और देवरे जैसी धार्मिक स्थलों में हिंसा की यह घटना समुदाय में चिंता और असुरक्षा की भावना पैदा करती है। पुलिस का कहना है कि सभी पक्षों से बयान लिए जा रहे हैं और आरोपियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना यह स्पष्ट करती है कि धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा व्यवस्था और समुदाय के बीच सहयोग की आवश्यकता अत्यधिक है। इस प्रकार की हिंसा न केवल व्यक्तियों के जीवन के लिए खतरा पैदा करती है, बल्कि स्थानीय समाज में अशांति और तनाव का भी कारण बनती है। पुलिस की सतर्कता और कानूनी कार्रवाई इस मामले में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
घायल रायसिंह का इलाज जारी है और पुलिस मामले की तह तक जाकर न्याय सुनिश्चित करने का दावा कर रही है। यह घटना एक चेतावनी के रूप में सामने आई है कि धार्मिक आयोजनों में अनुशासन और सुरक्षा के मानदंडों का पालन अनिवार्य है, ताकि श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
