उदयपुर। सविना ग्रामीण क्षेत्र में यूडीए की सरकारी जमीन पर कब्जा करवाने के आरोपों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। भाजपा नेताओं के नाम सामने आने के बाद शहर विधायक ताराचंद जैन ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी को तुरंत एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर इस मामले की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्यवाही हो।

रविवार को भाजपा कार्यालय में शहर विधानसभा क्षेत्र में चल रहे एसआईआर मामलों को लेकर आयोजित बैठक में विधायक जैन ने सविना बड़ीगढ़ कोटडियां फलां क्षेत्र की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के मुद्दे पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भूमाफियाओं द्वारा भाजपा नेताओं के नाम का उपयोग कर प्लॉट बेचने और दर्जनों गरीब परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचाने से पार्टी की छवि धूमिल हुई है।

जैन ने कहा कि “कोई भी व्यक्ति, चाहे वह पार्टी पदाधिकारी ही क्यों न हो, यदि दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ संगठनात्मक और कानूनी स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। जनता में पार्टी के प्रति विश्वास कायम रखना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस घोटाले से कई गरीबों की मेहनत की कमाई बर्बाद हो गई। लोग नेताओं और दलालों की बातों में आकर अपनी जमा-पूंजी लगाकर मकान बना बैठे, अब उनके घर उजड़ चुके हैं और वे न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।

विधायक जैन ने इस मामले की तुलना अतीत के चर्चित घोटालों से करते हुए कहा कि “चाहे लालू प्रसाद यादव का चारा घोटाला हो या कांग्रेस के बोफोर्स, कोयला और टूजी घोटाले — जब भी भ्रष्टाचार उजागर होता है, पार्टी की साख को गहरा आघात पहुंचता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि सविना भूमि प्रकरण में यदि समय रहते पारदर्शी जांच नहीं की गई, तो संगठन को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उन्होंने जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह से आग्रह किया कि पार्टी स्तर पर जांच कमेटी का गठन शीघ्र किया जाए और आवश्यकता पड़ने पर इस मामले में मुख्यमंत्री या प्रदेशाध्यक्ष से भी बातचीत की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो भी कमेटी बने, वह किसी भी प्रकार के दबाव से मुक्त रहकर काम करे, ताकि दोषियों को दंड मिल सके और जनता का विश्वास पुनः स्थापित हो।

जैन ने 272 भूखंड घोटाले का भी उल्लेख करते हुए कहा कि “उस मामले में भी मुझे विधानसभा में आवाज उठानी पड़ी थी, तब जाकर ठोस कार्रवाई हुई और कई लोग जेल पहुंचे। आज भी कुछ आरोपितों ने हाईकोर्ट से स्टे ले रखा है, पर सरकार अब अपर बेंच में जाएगी और सभी दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।”

बैठक में उपस्थित लोगों ने भी विधायक जैन की बातों से सहमति जताई और इस बात पर बल दिया कि पार्टी के हित में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। सविना भूमि प्रकरण अब उदयपुर की राजनीति का सबसे चर्चित मुद्दा बन चुका है, और अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा इस मामले में क्या कदम उठाती है।

Pratahkal Bureau

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