यूडीएच मंत्री कार्यक्रम में विरोध के बीच हंगामा: यूथ कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की
उदयपुर में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता काले झंडे लेकर पहुंचे, जिससे कार्यक्रम तनावपूर्ण हो गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध कर रहे युवाओं पर हाथ साफ किया और अरमान जैन सहित कुछ कार्यकर्ताओं को धक्का-मुक्की के बाद हिरासत में लिया।

यूडीए
उदयपुर। सोमवार को शहर में नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन (यूडीएच) मंत्री झाबर सिंह खर्रा के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान हंगामा और धक्का-मुक्की की घटना सामने आई। मंत्री शहर के भुवाणा चौराहा से प्रताप नगर चौराहा तक डेकोरेटिव पोल और स्ट्रीट लाइट का लोकार्पण करने आए थे। इस दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता काले झंडे लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जिससे कार्यक्रम में तनाव उत्पन्न हो गया।
मौके पर उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध कर रहे यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। इसमें एक कार्यकर्ता अरमान जैन को हाथापाई का सामना करना पड़ा। घटना के दौरान शहर भाजपा अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने भी अरमान जैन पर अपने हाथ साफ किए। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने मौके पर युवाओं को हिरासत में लिया।
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सुखेरा थाने पहुंचे। उन्होंने थाने में ही नारेबाजी शुरू कर दी और हिरासत में लिए गए युवाओं की रिहाई की मांग की। वल्लभनगर पूर्व विधायक प्रीति शक्तावत और शहर कांग्रेस अध्यक्ष फतहसिंह राठौड़ के नेतृत्व में थाने में धरना भी दिया गया।
घटना के विवरण के अनुसार, लोकार्पण कार्यक्रम के बाद जब मंत्री अपनी गाड़ी की ओर बढ़ रहे थे, तब यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता अरमान जैन ने मंत्री से बातचीत करने का प्रयास किया और उनके हाथ में काले झंडे थे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने तुरंत अरमान जैन के हाथ से काला झंडा छीन लिया और उसे मंत्री से दूर खींचा। इसके बाद अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी उसे सड़कों पर धक्का देकर हाथापाई की। इस दौरान मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि वे गांव में पैदा हुए हैं और उन्होंने जीवन में कई कठिनाइयाँ देखी हैं। उनका कहना था कि काले झंडे का कोई प्रभाव नहीं पड़ता, लेकिन किसी ने शालीनता से अपनी बात रखी, तो उसे वे सुनते और समाधान करते हैं।
भाजपा शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने इस दौरान पुलिस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लोग काले झंडे लेकर कार्यक्रम में आए और मंत्री तक पहुँच गए, लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के हुल्लड़ कार्यक्रम को बिगाड़ने और माहौल खराब करने वाले कदम ठीक नहीं हैं।
इस घटना के बाद शहीद लेफ्टिनेंट अभिनव नागौरी के पिता धर्मचंद नागौरी ने कहा कि उनके नाम का विरोध करना निदंनीय है। उनका कहना था कि भाजपा के विधायक और कार्यकर्ता हमेशा उनके सम्मान में खड़े रहते हैं और तकलीफ के समय उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने इस प्रकार के विरोध को अनुचित और निंदनीय बताया।
मौके पर राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया, उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा सहित यूडीए के कई अधिकारी भी उपस्थित थे। इस पूरे घटनाक्रम ने सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा और आयोजनों की सुचारु व्यवस्था की आवश्यकता पर भी ध्यान आकर्षित किया।
यह घटना दर्शाती है कि राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन और सार्वजनिक कार्यक्रमों के बीच संतुलन बनाए रखना कितना आवश्यक है। पुलिस और आयोजकों के समन्वय में खामी होने पर कार्यक्रम में तनाव उत्पन्न हो सकता है, जैसा कि इस मामले में देखने को मिला। विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच इस प्रकार की झड़पें प्रशासन और सुरक्षा के दृष्टिकोण से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती हैं।

Manyaa Chaudhary
यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।
