खेरवाड़ा: परंपरागत कृषि की सीमित आय से जूझ रहे एक आदिवासी परिवार के लिए प्राकृतिक खेती वरदान साबित हुई है। यह सफलता की गाथा है नयागांव ब्लॉक के पहाड़ा (खराड़ीवाड़ा) गाँव की निवासी महिला किसान चंपा देवी और उनके स्वर्गीय पति दिता जी डामोर के परिवार की, जिन्होंने खेती के पारंपरिक ढर्रे को बदलकर आत्मनिर्भरता की एक नई इबारत लिखी है। चंपा देवी आज न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिला किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बन गई हैं।

चंपा देवी का परिवार पूर्व में केवल मौसमी फसलों पर निर्भर था, जिससे प्राप्त आय घर की आवश्यकताओं और बच्चों की शिक्षा के लिए अपर्याप्त थी। इस कठिन दौर में ग्रामीण आजीविका और टिकाऊ कृषि के लिए कार्यरत संस्था 'सीएमएफ' (CMF) ने उन्हें प्राकृतिक खेती की दिशा दिखाई। संस्था द्वारा चंपा देवी को न केवल विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया, बल्कि तकनीकी मार्गदर्शन और फील्ड स्तर पर निरंतर सहयोग भी दिया गया।

संस्था से मिले प्रोत्साहन के बाद चंपा देवी ने रासायनिक खाद और महंगे कीटनाशकों का पूर्णतः त्याग कर दिया। उन्होंने अपने खेत में भिंडी, बैंगन और मिर्च की फसलें उगाईं और उनके स्थान पर घर में ही निर्मित जीवामृत, घनजीवामृत तथा नीमास्त्र का उपयोग शुरू किया। इस परिवर्तन का परिणाम यह हुआ कि खेती की लागत नगण्य रह गई और मिट्टी की उर्वरता में उल्लेखनीय सुधार हुआ। सीएमएफ के फील्ड स्टाफ ने नियमित रूप से खेत का दौरा कर फसल प्रबंधन, कीट नियंत्रण और कुशल सिंचाई तकनीकी पर मार्गदर्शन दिया, जिससे सब्जियों की गुणवत्ता उत्कृष्ट बनी और फसलों को रोगों से सुरक्षा मिली।

इस बदलाव ने चंपा देवी के परिवार के लिए दैनिक आय का एक स्थायी माध्यम सुनिश्चित कर दिया है। भिंडी, बैंगन और मिर्च की सतत तुड़ाई के कारण वे अब स्थानीय बाजार में प्रतिदिन ताजी सब्जियां बेच रही हैं। जहाँ पहले सीजन के अंत में एकमुश्त आय प्राप्त होती थी, वहीं अब दैनिक आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हुई है। चंपा देवी की यह यात्रा यह सिद्ध करती है कि सही मार्गदर्शन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्राकृतिक खेती एक मुनाफे वाला व्यवसाय बन सकती है। सीएमएफ संस्था और चंपा देवी का यह सहयोग आज पूरे क्षेत्र में टिकाऊ कृषि और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।

उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।

वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।

Next Story