उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर में चोरी के जेवरात खरीदने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें भाजपा नेता के भाई की संलिप्तता ने शहर के राजनीतिक और व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। जम्मू-कश्मीर में हुई बड़ी चोरी के तार उदयपुर से जुड़ने के बाद वहां की पुलिस ने स्थानीय धानमंडी थाना पुलिस के सहयोग से बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के अनुसार, भाजपा नेता जिनेन्द्र शास्त्री के भाई मनोहरलाल भोरावत, जिनकी लखारा चौक में सर्राफा की दुकान है, उन्हें चोरी का सोना खरीदने के आरोप में जम्मू-कश्मीर पुलिस उठाकर अपने साथ ले गई है।

घटनाक्रम के अनुसार, करीब छह से आठ माह पूर्व दो बदमाशों ने जम्मू-कश्मीर क्षेत्र से लगभग 170 ग्राम सोने के जेवरात चोरी किए थे। पकड़े जाने पर चोरों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्होंने चोरी के माल का कुछ हिस्सा मध्य प्रदेश में खपाया, जबकि बड़ा हिस्सा उदयपुर में मनोहरलाल भोरावत को औने-पौने दामों में बेच दिया था। इस इनपुट के आधार पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक सब-इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम उदयपुर पहुँची और लखारा चौक स्थित दुकान पर दबिश देकर मनोहरलाल को हिरासत में लिया।

पूरे दिन धानमंडी थाने में जद्दोजहद और हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। जहाँ एक ओर पुलिस के हत्थे चढ़े चोरों ने स्पष्ट रूप से 8 तोला (80 ग्राम) सोना मनोहरलाल को बेचना स्वीकार किया, वहीं आरोपी व्यवसायी मनोहरलाल भोरावत केवल 22 ग्राम सोना खरीदने की बात पर अड़े रहे। इतना ही नहीं, उन्होंने पुलिस के साथ आए चोरों को पहचानने से भी इनकार कर दिया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय व्यापारी और अन्य लोग थाने पहुँच गए और पुलिस टीम के साथ वार्ता कर बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन साक्ष्यों और चोरों के बयानों के आगे पुलिस का रुख कड़ा रहा।

दिनभर चली लंबी खींचतान और कानूनी दांवपेच के बाद भी जब कोई सहमति नहीं बनी, तो मामला पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुँचा। आखिरकार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी सर्राफा व्यापारी मनोहरलाल भोरावत को गिरफ्तार कर अपने साथ रवाना हो गई। अब इस मामले की आगे की कड़ियाँ जम्मू-कश्मीर में होने वाली पूछताछ के बाद खुलेंगी, जिससे यह स्पष्ट होगा कि इस अंतरराज्यीय चोरी के गिरोह और सर्राफा व्यापारियों के बीच के नेटवर्क की गहराई कितनी है।

Pratahkal HQ

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