भिंडर में शारीरिक शिक्षक वाक्पीठ बैठक, सुरक्षा और अनुशासन पर सीडीईओ ने दिए निर्देश
भिंडर में शारीरिक शिक्षक वाक्पीठ बैठक में शिक्षा अधिकारियों ने खेल, अनुशासन और बच्चों की सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय चारगदिया में आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते एक शिक्षक।
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय गोगा का गुड़ा (वानिया तलाई) के तत्वावधान में चारगदिया स्थित मगरिया श्याम मंदिर परिसर में शुक्रवार को भिंडर ब्लॉक के शारीरिक शिक्षकों की ब्लॉक स्तरीय सत्रारंभ वाक्पीठ एवं प्रारंभिक शिक्षा शारीरिक शिक्षक वाक्पीठ की जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने पहुंचकर शारीरिक शिक्षा, खेल प्रतियोगिताओं, विद्यार्थियों की सुरक्षा और विद्यालयी अनुशासन से जुड़े विषयों पर दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में भिंडर ब्लॉक के सभी शारीरिक शिक्षकों के साथ जिले के प्रत्येक ब्लॉक से अध्यक्ष एवं सचिव ने प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया। इस दौरान भिंडर ब्लॉक को आवंटित विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिला कार्यकारिणी की बैठक में आगामी 29 एवं 30 जुलाई को जिला स्तरीय वाक्पीठ का आयोजन राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय ओबरा खुर्द (गोगुन्दा) में करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में रिक्त सभाध्यक्ष पद पर महावीर सिंह झाला तथा महिला उपाध्यक्ष पद पर पायल कुमावत को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र चौबीसा ने की। मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार यादव रहे। विशिष्ट अतिथियों में जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) दुर्गेश मेनारिया, एडीपीसी कुंज बिहारी भारद्वाज, उप जिला शिक्षा अधिकारी (शारीरिक शिक्षा) लक्ष्मण दास वैष्णव, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भेरूसिंह राठौड़, संरक्षक हीरालाल सुथार, राउमावि कुंडई के प्रधानाचार्य पंकज वया, राउमावि चारगदिया के प्रधानाचार्य पवन कुमार चोबिसा, राजकीय बालिका सीनियर सेकेंडरी स्कूल भिंडर के प्रधानाचार्य कैलाश चंद्र शर्मा, वानिया तलाई के पीईईओ अमृत लाल मीणा, जिला वाक्पीठ अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया, जिला सचिव जगन्नाथ सिंह चुंडावत, जिला उपाध्यक्ष प्रवीण जैन, मावली ब्लॉक अध्यक्ष अब्दुल घनी, खेमली ब्लॉक अध्यक्ष अर्जुन सिंह चुंडावत, ओंकार लाल मीणा, जिला मीडिया प्रभारी गोपाल मेहता, माध्यमिक शिक्षा शारीरिक शिक्षक वाक्पीठ अध्यक्ष चंद्रशेखर मेनारिया, जिला खेलकूद संचालन समिति प्रभारी युगल किशोर शर्मा, कर्मचारी महासंघ एकीकृत के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह सारंगदेवोत और आयोजक विद्यालय के प्रधानाध्यापक जयराम रेगर सहित अनेक अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। सीबीईओ राजेंद्र चौबीसा ने स्वागत उद्बोधन दिया। जिला अध्यक्ष विजयलाल मेनारिया के निर्देशन में ब्लॉक कार्यकारिणी ने सभी अतिथियों का मेवाड़ी परंपरा के अनुसार पाग एवं ऊपरना पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन लीलाधर व्यास एवं हीरालाल सुथार ने किया।
वाक्पीठ में मनोहर लाल सेन ने वॉलीबॉल, पंकज चौबीसा ने क्रिकेट तथा चंदा मेनारिया ने साइक्लिंग विषय पर वार्ता प्रस्तुत की। बैठक में सेवानिवृत्ति के बाद भी विद्यालय में निःशुल्क सेवाएं देने वाले शारीरिक शिक्षक संघ के संरक्षक हीरालाल सुथार, शिक्षा विभाग को सक्रिय सहयोग करने वाले सेवानिवृत जुड़वा भाई शारीरिक शिक्षक रामचंद्र सालवी एवं अध्यापक रामेश्वर सालवी को शिक्षा अधिकारियों द्वारा सम्मानित किया गया।
बैठक में वर्ष 2022 की भर्ती में स्थायीकरण से वंचित शारीरिक शिक्षकों के स्थायीकरण आदेश शीघ्र जारी करने की मांग भी उठाई गई।
जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक दुर्गेश मेनारिया ने कहा कि शारीरिक शिक्षकों की मजबूत हमारे जिले में है, जो जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर की किसी भी प्रतियोगिता को सकुशल संपन्न करवाने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन उन क्षेत्रों में भी होना चाहिए, जहां लंबे समय से प्रतियोगिताएं नहीं हुई हैं। शारीरिक शिक्षक विद्यालय की हर समस्या के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा विभिन्न खेलों में दक्ष खिलाड़ियों का इस क्षेत्र में आना आवश्यक है, ताकि अच्छे खिलाड़ी तैयार हो सके।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि विद्यालय में प्रधानाचार्य प्रशासनिक व्यवस्था का नेतृत्व करते हैं, जबकि शारीरिक शिक्षक अनुशासन एवं सुरक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि खेल प्रतियोगिताओं में बालिका टीम के साथ महिला अध्यापिका की उपस्थिति अनिवार्य होगी।
एडीपीसी कुंज बिहारी भारद्वाज ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जर्जर भवनों, टीनशेड या पेड़ों के नीचे किसी भी स्थिति में अध्ययन नहीं कराया जाए। आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय को सुरक्षित स्थान, मंदिर अथवा सामुदायिक भवन में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि "जान है तो जहान है" और बच्चों की सुरक्षा शिक्षा विभाग का प्रथम लक्ष्य है।
बैठक में शारीरिक शिक्षा से जुड़े विषयों, खेल प्रतियोगिताओं के बेहतर संचालन और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों एवं शिक्षकों के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
