भींडर: कृषि आदान व्यापारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन ने खाद पर टैगिंग रोकने और डीलर मार्जिन बढ़ाने सहित कई नीतिगत सुधारों के लिए देशव्यापी सांकेतिक हड़ताल के तहत प्रदर्शन किया।

उदयपुर के भींडर में सोमवार को अपनी मांगों के समर्थन में तहसील कार्यालय के बाहर एकत्र हुए एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) के सदस्य और व्यापारी।
कृषि आदान व्यापारियों की ज्वलंत समस्याओं के निराकरण हेतु एग्रो इनपुट डीलर्स एसोसिएशन (AIDA) के बैनर तले सोमवार को व्यापारियों का आक्रोश फूट पड़ा। क्षेत्र के व्यापारियों ने लामबंद होकर तहसील कार्यालय भींडर पहुंचकर प्रशासन को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें खाद, बीज और कीटनाशक व्यापार से जुड़ी जटिल नीतियों में सुधार की पुरजोर मांग की गई। व्यापारियों ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो देशभर के व्यापारी उग्र आंदोलन की राह पकड़ने को मजबूर होंगे।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह संस्था देशभर के लाखों व्यापारियों के हितों का प्रतिनिधित्व करती है, जो लंबे समय से नीतिगत बाधाओं के कारण मानसिक और आर्थिक शोषण का सामना कर रहे हैं। इस संबंध में केंद्र और राज्य सरकार के उच्चाधिकारियों को पूर्व में भी कई बार अवगत कराया गया, किंतु ठोस समाधान के अभाव में व्यापारियों को 27 अप्रैल को देशव्यापी सांकेतिक हड़ताल का सहारा लेना पड़ा। ज्ञापन के माध्यम से व्यापारियों ने खाद पर की जा रही जबरन टैगिंग पर तत्काल रोक लगाने, कंपनियों द्वारा डीलर के बिक्री केंद्र तक उर्वरक की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बढ़ती महंगाई के दृष्टिगत डीलर मार्जिन को न्यूनतम 8 प्रतिशत करने की प्रमुख मांग रखी है।
प्रशासनिक स्तर पर कानूनी पहलुओं को रेखांकित करते हुए व्यापारियों ने साठी (SATHI) पोर्टल की जटिलताओं से राहत देने और बाजार में अवैध बीजों की बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने की आवश्यकता जताई। साथ ही, एक्सपायर्ड कीटनाशकों की वापसी को कंपनियों के लिए अनिवार्य बनाने, लाइसेंस नवीनीकरण एवं नियमों के सरलीकरण तथा छोटी-छोटी त्रुटियों पर लाइसेंस निलंबन जैसी दंडात्मक कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। व्यापारियों ने जोर दिया कि शिकायतों के पारदर्शी निस्तारण के लिए जिला स्तर पर एक उच्चाधिकार प्राप्त कमेटी का गठन किया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच के बिना किसी भी व्यापारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई न हो। इसके अतिरिक्त, प्रतिवर्ष कंपनी के प्रिंसिपल सर्टिफिकेट की अनिवार्यता समाप्त करने तथा दोहरी लाइसेंस प्रक्रिया को पूर्णतः खत्म करने की मांग की गई है। इस दौरान बुद्धि प्रकाश पाराशर खेरोदा सहित बड़ी संख्या में कृषि व्यापारी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
