भाटकी गांव में हाल ही में हुए सड़क हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर जनचिंता खुलकर सामने आई है। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से चिंतित ग्रामीणों ने प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए सर्व समाज के बैनर तले उपखंड अधिकारी जय सिंह को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं।

ग्राम पंचायत भाणदा एवं ग्राम पंचायत भाटकी के सरपंचों के नेतृत्व में सर्व समाज के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की। ज्ञापन में बताया गया कि भाटकी सहित आसपास के क्षेत्रों में पूर्व में भी कई गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। आबादी क्षेत्र से होकर गुजरने वाले सड़क मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार आमजन, विद्यार्थियों और राहगीरों के लिए लगातार खतरा बनी हुई है।

ग्रामीणों ने मांग की कि सड़क मार्ग पर चिन्हित पांच आवश्यक स्थानों पर बैरियर एवं स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित की जा सके और दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि निजी विद्यालयों की बसों सहित अन्य वाहनों द्वारा निर्धारित गति सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा ओवरस्पीड वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि सड़क सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाए जाने से क्षेत्रवासियों को राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति पर अंकुश लगाया जा सकेगा। इस दौरान सरपंच भरत गरासिया, चतर सिंह, परेश पटेल, सुख लाल गरासिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ज्ञापन का असर भी तत्काल देखने को मिला। संबंधित विभाग द्वारा दुर्घटना प्रभावित क्षेत्र में वाहन चालकों की गति नियंत्रित करने के उद्देश्य से बैरियर निर्माण का कार्य प्रारंभ करा दिया गया। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई को ग्रामीणों ने सकारात्मक कदम बताते हुए सड़क सुरक्षा संबंधी अन्य मांगों पर भी शीघ्र अमल की अपेक्षा जताई है।

भाटकी हादसे के बाद उठी यह सामूहिक आवाज न केवल क्षेत्र में सुरक्षित यातायात व्यवस्था की आवश्यकता को रेखांकित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता और प्रशासनिक संवेदनशीलता मिलकर भविष्य के हादसों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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