भारतीय व्यापार महोत्सव 2026: राजस्थान सरकार और कैट के बीच अहम बैठक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली में आयोजित होने वाले व्यापार महोत्सव को पूर्ण समर्थन देते हुए राजस्थान में निवेश के लिए सुरक्षित माहौल का आश्वासन दिया।

जयपुर/उदयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को अभूतपूर्व गति प्रदान करने के ध्येय से आयोजित होने वाले 'भारतीय व्यापार महोत्सव 2026' को राजस्थान सरकार का निर्णायक समर्थन प्राप्त हुआ है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद प्रवीण खंडेलवाल के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जयपुर स्थित लोक भवन में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े एवं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से विशेष मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान आगामी 12 से 15 अगस्त 2026 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाले देश के सबसे बड़े उत्पादों की प्रदर्शनी के लिए राज्य सरकार के सक्रिय सहयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।
भारतीय व्यापार महोत्सव के टूरिज्म चेयरमैन एवं कैट के नेशनल बोर्ड मेंबर मनीष गलूंडिया ने आयोजन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस महोत्सव के लिए राजस्थान सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का ठोस आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राजस्थान वर्तमान में देश के सबसे तेजी से उभरते निवेश, उद्योग और व्यापारिक केंद्रों में अग्रणी है। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा कि राज्य सरकार राजस्थान को देश का सबसे बड़ा निवेश गंतव्य बनाने हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
कैट की राष्ट्रीय सह सचिव विजयलक्ष्मी गलूंडिया के अनुसार, मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट किया कि राजस्थान में उद्योग, व्यापार, पर्यटन, खनिज, कृषि आधारित उद्योग, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स और निर्यात जैसे विविध क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं विद्यमान हैं। उन्होंने देश भर के व्यापारियों और उद्यमियों को आमंत्रित करते हुए आह्वान किया कि वे राजस्थान की प्रचुर संसाधन संपन्नता, उत्कृष्ट आधारभूत ढांचे और अनुकूल औद्योगिक नीतियों का लाभ उठाकर यहाँ अपने व्यापार स्थापित करें। सरकार द्वारा निवेश के लिए सुरक्षित और सुगम वातावरण सुनिश्चित किया गया है, जो इस महोत्सव के माध्यम से वैश्विक पटल पर राजस्थान की व्यापारिक शक्ति को प्रदर्शित करने का एक ऐतिहासिक अवसर सिद्ध होगा।

