राज्य सरकार के निर्देशानुसार चलाए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविरों के तहत ग्राम पंचायत भाणदा में उस समय बड़ी प्रशासनिक सफलता दर्ज की गई, जब वर्ष 2000 से लंबित राजकीय पशु चिकित्सालय उपकेंद्र के भवन निर्माण हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण कर दी गई। उपखंड अधिकारी शिवन्या गुप्ता के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में 26 वर्षों से अटके प्रकरण का निस्तारण करते हुए भवन निर्माण के लिए विधिवत पट्टा जारी किया गया।

शिविर के दौरान राजस्व एवं पंचायती राज विभाग के अधिकारियों ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करते हुए ग्राम भाणदा की बिलानाम गैर काबिल भूमि की आराजी संख्या 369 को राजकीय पशु चिकित्सालय उपकेंद्र भाणदा के नाम दर्ज करवाया। इस लंबे समय से लंबित भूमि आवंटन के निस्तारण के साथ ही चिकित्सालय भवन निर्माण की राह अब पूरी तरह प्रशस्त हो गई है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2000 में राजकीय पशु चिकित्सालय उपकेंद्र की स्वीकृति तो प्रदान कर दी गई थी, लेकिन भूमि आवंटन नहीं होने के कारण भवन निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था। इसी कारण स्थानीय स्तर पर पशुपालकों को वर्षों तक अपेक्षित सुविधाओं से वंचित रहना पड़ा। ग्रामीण सेवा शिविर में प्रशासन की सक्रिय पहल के चलते इस जटिल समस्या का समाधान संभव हो सका।

इस अवसर पर शिविर प्रभारी एवं विकास अधिकारी मदन लाल लोहार, ग्राम पंचायत सरपंच भरत गरासिया सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। पट्टा जारी होने की प्रक्रिया पूरी होते ही ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

ग्रामीणों ने इस निर्णय को क्षेत्र के पशुपालकों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए राज्य सरकार, जिला प्रशासन एवं शिविर में कार्यरत अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। अब भूमि आवंटन की बाधा समाप्त होने के साथ ही राजकीय पशु चिकित्सालय भवन निर्माण कार्य शुरू होने का मार्ग पूरी तरह से खुल गया है, जिससे क्षेत्र में पशु चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ होने की उम्मीद जताई जा रही है।

Pratahkal Bureau

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