भाणदा में बंदरों का आतंक, फसलों से लेकर केलू की छतों तक नुकसान से ग्रामीण परेशान
भाणदा गांव में जंगल से आने वाले बंदरों के झुंड से ग्रामीण परेशान हैं। फसलों, केलू की छतों और जनहानि के खतरे को लेकर प्रशासन से मांग की गई।

तस्वीर में दिख रहा है खेरवाड़ा के भाणदा गांव में घास और झाड़ियों के बीच बैठे हुए बंदरों का झुंड।
खेरवाड़ा तहसील क्षेत्र के भाणदा गांव में जंगल से आने वाले बंदरों के झुंड ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बारिश नहीं होने से पहले ही फसलें सूखने की कगार पर हैं, वहीं बची-खुची फसलों को बंदरों द्वारा नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार जंगल से एक से दो दर्जन बंदरों का झुंड हर 10-15 दिन में गांव में पहुंच जाता है। बंदर खेतों में घुसकर फसलों को नष्ट करते हैं। इसके अलावा बंदरों के झुंड घरों की केलू वाली छतों पर दौड़ते हैं, जिससे केलू टूटने के कारण ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
ग्रामवासी सेवानिवृत्त सरकारी कार्मिक घनश्याम लोहार ने बताया कि बंदरों द्वारा बच्चों एवं बुजुर्गों को डराने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि डर के कारण कई बार बच्चे और बुजुर्ग घायल हो चुके हैं। बार-बार बंदरों के गांव में आने से ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत एवं प्रशासन से समस्या का समाधान कराने तथा जंगली वानरों से होने वाले फसल, मकान एवं जनहानि के नुकसान से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)
दिनेश कुमार जैन पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी और विश्वसनीय नाम हैं। उन्होंने पिछले लगभग 8 वर्षों से प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय रहकर जनहित से जुड़े मुद्दों, प्रशासनिक गतिविधियों, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकारों तथा स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है।
उन्होंने जनवरी 2020 से प्रतिष्ठित समाचार पत्र दैनिक नवज्योति में संवाददाता, खेरवाड़ा एवं नयागांव ब्लॉक (जिला उदयपुर) के रूप में कार्य करते हुए तहसील एवं ब्लॉक स्तर की खबरों को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाया। इससे पूर्व वे लगभग दो वर्षों तक राजस्थान पत्रिका से भी जुड़े रहे, जहां उन्होंने क्षेत्रीय पत्रकारिता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
खेरवाड़ा, नयागांव तथा आसपास के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं, विकास कार्यों, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि एवं सामाजिक मुद्दों पर उनकी विशेष पकड़ रही है। निष्पक्ष, तथ्यपरक और जनहित आधारित पत्रकारिता उनकी पहचान है।
वर्तमान में प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने व्यापक अनुभव और क्षेत्रीय समझ के माध्यम से पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी पत्रकारिता का उद्देश्य समाज की आवाज को सशक्त मंच प्रदान करना तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है।
