भाडेर: गरासिया समाज के मुखी सम्मेलन में कुरीतियों के खिलाफ कड़े नियम लागू
आजादी के 79 साल बाद हुए सम्मेलन में डीजे और शराब पर प्रतिबंध सहित 11 तोला जेवरात की सीमा तय हुई, नियम तोड़ने पर 51 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान।

भाडेर। अखिल भारतीय गरासिया सेवा संस्थान भाडेर के तत्वावधान में आयोजित 'मुखी सम्मेलन' ने समाज सुधार की दिशा में एक नया इतिहास रच दिया है। आजादी के 79 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार आयोजित हुए इस अभूतपूर्व सम्मेलन में 67 गांवों के 82 मुखियों सहित 1000 से अधिक समुदाय के लोगों ने सहभागिता कर सामाजिक एकता और जागृति का परिचय दिया। आयोजन समिति के अध्यक्ष सूरीलाल गरासिया द्वारा विधिवत शुभारंभ के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में समूचे समाज ने कुरीतियों के उन्मूलन हेतु सामूहिक संकल्प लिया।
अखिल भारतीय गरासिया समाज के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आनंदीलाल गरासिया, विशिष्ट अतिथि गलाराम गरासिया तथा आबूरोड के पूर्व प्रधान आनंदराम गरासिया ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए शिक्षा, एकता और जागरूकता को प्रगति का अनिवार्य आधार बताया। समाज को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित इस सम्मेलन में सर्वसम्मति से कठोर सामाजिक निर्णय लिए गए, जो अब समाज की नई नियमावली का हिस्सा होंगे। इन निर्णयों के तहत सामाजिक कार्यक्रमों में डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, शराबबंदी को कड़ाई से लागू रखने की घोषणा की गई है और जेवरात की सीमा अधिकतम 11 तोला तक निर्धारित की गई है। सम्मेलन के दौरान मंच संचालन ताकत सिंह गरासिया एवं भूरीलाल गरासिया द्वारा प्रभावी ढंग से किया गया।
सम्मेलन की गरिमा बढ़ाते हुए चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र गरासिया ने युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करते हुए लगन और मेहनत से भविष्य संवारने का आह्वान किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर रूपलाल गरासिया, मोहनलाल गरासिया, रामशंकर गरासिया, धुलीलाल गरासिया, बाबूलाल गरासिया सहित गुजरात के पोलापट्टा एवं कोटड़ा (सुड़ा) क्षेत्र से आए अनेक गणमान्य नागरिकों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।
सम्मेलन के समापन पर अध्यक्ष आनंदीलाल गरासिया ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की कि निर्धारित सामाजिक नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति पर 51 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इस दंड राशि का 25 प्रतिशत हिस्सा गांव के विकास कार्यों में और 75 प्रतिशत समाज कोष में जमा किया जाएगा, जिसका उपयोग भविष्य में समाज के रचनात्मक कार्यों के लिए होगा। मीडिया प्रभारी धनराज गरासिया ने बताया कि पंच-पटेलों की आपसी सहमति से लिए गए ये निर्णय समाज के सर्वांगीण सुधार में मील का पत्थर साबित होंगे।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
