खेरवाड़ा तहसील के बावलवाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस बल की भारी कमी के कारण कानून व्यवस्था बनाए रखना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। थाना और इसके अधीन संचालित चार पुलिस चौकियों में कुल 51 स्वीकृत पद रिक्त होने से करीब 18 ग्राम पंचायतों की 50 हजार से अधिक आबादी की सुरक्षा का जिम्मा महज 23 पुलिसकर्मियों के भरोसे है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बावलवाड़ा थाना क्षेत्र में बावलवाड़ा कस्बे से लेकर मगरा क्षेत्र और भाणदा तक फैली 18 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। पहाड़ी और वन क्षेत्र होने के कारण कई गांवों तक पहुंचने के लिए पुलिस को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। ऐसे में सीमित पुलिस बल के चलते नियमित गश्त, रात्रि गश्त, अपराध नियंत्रण और आपात स्थिति में त्वरित पुलिस पहुंच प्रभावित हो रही है।

जानकारी के अनुसार थाने में सबसे अधिक कमी कांस्टेबलों की है। 31 स्वीकृत कांस्टेबल पदों में केवल 12 कांस्टेबल कार्यरत हैं, जबकि 19 पद रिक्त हैं। इसके अलावा 5 हेड कांस्टेबल के स्वीकृत पदों में 1 पद रिक्त है। वहीं थाना और चारों पुलिस चौकियों को मिलाकर कुल 28 पद खाली पड़े हैं, जिससे पुलिस व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बना हुआ है।

स्थिति यह भी है कि क्षेत्र में स्वीकृत तीन नई पुलिस चौकियां आज भी अस्थायी कमरों से संचालित हो रही हैं। पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों के अभाव में पुलिस को विस्तृत क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्रवासियों ने पुलिस विभाग और राज्य सरकार से बावलवाड़ा थाना तथा अधीनस्थ पुलिस चौकियों में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्तियां करने और नई चौकियों के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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