बस्सी (प्रात:काल संवाददाता)। चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी कस्बे में सोनगर मार्ग स्थित रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे की भूमि पर भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की ऊंची उठती लपटों और धुएं के गुबार को देखकर राजमार्ग से गुजर रहे राहगीरों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। आग की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि तेज गर्मी और हवाओं के कारण आग तेजी से सूखी झाड़ियों में फैल गई, जिससे लोगों को जान बचाने के लिए रेलवे पटरियों की ओर दौड़ लगानी पड़ी।

सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। आग पर काबू पाने के लिए चित्तौड़गढ़ मुख्यालय से दमकल को सूचित किया गया, परंतु दमकल के समय पर न पहुंचने के कारण आग ने देखते ही देखते पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। स्थानीय ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पानी डालकर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तब तक लाखों रुपये मूल्य के यूकेलिप्टिस (सफदा) के दर्जनों पेड़ जलकर पूरी तरह राख हो चुके थे। उल्लेखनीय है कि इस स्थान पर पूर्व में भी आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं।

इस घटना ने बस्सी में दमकल सेवा के अभाव को एक बार फिर उजागर कर दिया है। चित्तौड़गढ़ विधानसभा का सबसे बड़ा कस्बा होने और आसपास के 200 से अधिक गांवों के केंद्र में स्थित होने के बावजूद, बस्सी में फायर ब्रिगेड की कोई सुविधा नहीं है। हर बार आगजनी की बड़ी घटनाओं के दौरान ग्रामीणों को चित्तौड़गढ़ से दमकल आने का इंतजार करना पड़ता है, जिस अंतराल में आग अपना विकराल स्वरूप ले लेती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब बस्सी मुख्यालय पर दमकल की स्थायी व्यवस्था करने की पुरजोर मांग की है।

आग लगने के कारणों की तलाश के दौरान यह बात सामने आई है कि रेलवे स्टेशन के समीप स्थित यह सुनसान क्षेत्र असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह-शाम यहां नशे के आदी लोग और संदिग्ध अपराधी सक्रिय रहते हैं। आशंका जताई जा रही है कि किसी के द्वारा धूम्रपान के दौरान जलती बीड़ी या सिगरेट फेंकने से यह भीषण आग लगी होगी। ग्रामीणों ने इस क्षेत्र में पुलिस की गश्त बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके।

Pratahkal HQ

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