बांसवाड़ा: प्रेम प्रसंग में युवक की हत्या के बाद गांव में आगजनी, 35 घर खाक
टामटिया गांव में युवक की हत्या के प्रतिशोध में भीड़ ने बस्ती फूंकी, स्थिति नियंत्रित करने के लिए पांच थानों का पुलिस जाब्ता और एसपी मौके पर तैनात।

बांसवाड़ा। गनोड़ा तहसील के टामटिया गांव में प्रेम प्रसंग के विवाद ने उस समय रौद्र रूप धारण कर लिया जब एक युवक की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई, जिसके प्रतिशोध में उत्तेजित भीड़ ने पूरी बस्ती को ही आग के हवाले कर दिया। टामटिया के फले कटारा क्षेत्र में हुई इस हृदयविदारक घटना में 25 वर्षीय गोविन्द मईड़ा की धारदार हथियारों से वार कर हत्या की गई थी। गोविन्द की मौत की खबर फैलते ही उसके परिजनों और समर्थकों ने आक्रोशित होकर कटारा फला की बस्ती पर धावा बोल दिया और देखते ही देखते सभी घरों में आग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही मोटागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उग्र भीड़ ने पुलिस पर ही पथराव शुरू कर दिया, जिससे पुलिसकर्मियों को वहां से पीछे हटना पड़ा। हालात बेकाबू होते देख जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी स्वयं भारी पुलिस बल के साथ आधी रात को मोर्चा संभालने पहुंचे। वर्तमान में स्थिति को देखते हुए पांच थानों की पुलिस तैनात की गई है और मामले में अब तक तीन आरोपितों को हिरासत में लिया गया है।
लगभग 2100 की आबादी वाले टामटिया गांव में यह खूनी संघर्ष दो अलग-अलग बस्तियों के युवक-युवती के बीच चल रहे प्रेम प्रसंग के कारण उपजा। बताया जा रहा है कि युवती के भाई ने मृतक गोविन्द को कई बार समझाने का प्रयास किया था, जिसे लेकर पूर्व में भी विवाद हुआ और मामला थाने तक पहुँचा था, जहाँ पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद भी किया था। रविवार शाम को विवाद ने हिंसक मोड़ ले लिया और प्रेमिका के भाई ने कुल्हाड़ी से वार कर गोविन्द की गर्दन काट दी। हत्या के बाद भड़की हिंसा में दो घंटे के भीतर 35 घरों की पूरी बस्ती को फूंक दिया गया। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि पांच दमकलों को मशक्कत करते हुए लगभग नौ घंटे बाद इस पर काबू पाने में सफलता मिली। इस आगजनी में कई दुपहिया वाहन और एक ऑटो भी जलकर राख हो गए, जिससे बस्ती के लोग दहशत में जान बचाकर भागते नजर आए।
कानूनी कार्रवाई के तहत मृतक के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि जब वह और उसका बेटा रविवार शाम एक विवाह समारोह से लौट रहे थे, तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे 10 से 12 लोगों ने हथियारों से हमला कर दिया। रिपोर्ट में पांच नामजद सहित अन्य के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। मोटागांव थानाधिकारी रमेशचन्द्र के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम संपन्न हो चुका है और मंगलवार सुबह अंतिम संस्कार किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सदर थानाधिकारी रूपसिंह को सौंपी गई है। इधर, ग्रामीणों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि आरोपित पक्ष ने पहले भी मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी, परंतु उचित कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीण लापरवाह पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग कर रहे हैं। जांच अधिकारी हेमेन्द्र सिंह ने स्पष्ट किया कि अप्रैल माह में दोनों पक्षों की ओर से तीन-तीन मुकदमे दर्ज हुए थे और एक मामले में चालान भी पेश किया जा चुका है। फिलहाल पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल की तैनाती के साथ सन्नाटा पसरा हुआ है।

