बांसवाड़ा: कलिंजरा में धर्मांतरण विवाद के बाद तनाव, जनजाति समाज ने निकाली आक्रोश रैली
कुशलगढ़ में गौरक्षकों पर हमले के विरोध में जनजाति समाज और संतों ने किया प्रदर्शन, उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।

बांसवाड़ा (प्रातःकाल संवाददाता)। कुशलगढ़ तहसील के ग्राम जाड़ी कलिंजरा में धर्मांतरण के प्रयासों को लेकर उपजा विवाद अब बड़े जनाक्रोश में बदल गया है। इस गंभीर घटना के विरोध में जनजाति समाज ने संतों के नेतृत्व में विशाल रैली निकालकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और प्रशासन को चेतावनी दी। कलिंजरा गांव में कुछ आदिवासी परिवारों के धर्मांतरण की सूचना पर पहुंचे गौरक्षकों के साथ हुई मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना ने पूरे क्षेत्र में तनाव व्याप्त कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब गौरक्षक मौके पर गैर-कानूनी गतिविधियों के वीडियो और फोटो बनाने का प्रयास कर रहे थे, तभी वहां मौजूद आपराधिक तत्वों ने उन पर लाठियों और पत्थरों से प्राणघातक हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में तीन गौरक्षक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद कुशलगढ़ से बांसवाड़ा रेफर किया गया है। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस को भी भारी प्रतिरोध का सामना करना पड़ा, जहां उन पर पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने की खबरें सामने आई हैं।
इस घटना के विरोध में सर्व हिंदू समाज, विभिन्न धार्मिक संगठनों, धूणी-धामों के जनजाति संतों, मेट, कोतवाल और साधु-संतों सहित बड़ी संख्या में नगरवासियों ने एकजुटता दिखाई। आंदोलन का आगाज़ नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में सामूहिक हनुमान चालीसा के पाठ के साथ हुआ, जिसके पश्चात एक विशाल रैली निकाली गई। प्रमुख मार्गों से होती हुई यह रैली जब उपखंड कार्यालय पहुंची, तब पूरा वातावरण 'सनातन धर्म की जय', 'धर्मांतरण बंद करो' और 'आरोपियों को गिरफ्तार करो' जैसे नारों से गूंज उठा। स्थानीय व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठान स्वतः बंद रखकर इस आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
तत्पश्चात, उपखंड अधिकारी राकेश कुमार न्योल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में स्पष्ट मांग की गई कि घटना में नामजद करीब 100 आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित हो। इसके साथ ही, क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित चर्चों की जांच कर उन्हें हटाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को दोटूक चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही ठोस कार्यवाही नहीं हुई तो पूरे जिले में बंद का आह्वान किया जाएगा। इसी क्रम में आज मंगलवार को सभी तहसील मुख्यालयों पर ज्ञापन देने और उसके उपरांत जिला मुख्यालय पर एक वृहद प्रदर्शन की घोषणा की गई है। फिलहाल, प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर गहन जांच शुरू कर दी है।

