बांसवाड़ा: क्रीड़ा भारती की बैठक में खेलों से राष्ट्र चेतना जागृत करने पर मंथन
बांसवाड़ा के जिला खेल स्टेडियम में आयोजित बैठक में पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को सम्मानित करने की रूपरेखा तैयार की गई।

बांसवाड़ा के जिला खेल स्टेडियम में क्रीड़ा भारती की आयोजित बैठक में खेलों को राष्ट्र निर्माण और सामाजिक सौहार्द्र का सशक्त माध्यम बताते हुए व्यापक कार्ययोजना पर मंथन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रसाद महानकर ने कहा कि खेल अभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम हैं, जिनसे प्रेम, सहयोग और सौहार्द्र के भाव जाग्रत होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र चेतना को जागृत करने के लिए खेलों का आयोजन सबसे सर्वोत्तम घटक है।
बैठक में क्रीड़ा भारती चित्तौड़ के प्रांत मंत्री बालमुकुंद यादव एवं सह-मंत्री महावीर आर्य ने भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कबड्डी खेल के माध्यम से विभिन्न ब्लॉक एवं जिला मुख्यालयों पर अधिक से अधिक प्रतियोगिताएं आयोजित करने का आह्वान किया, ताकि जन-जन को पारंपरिक खेलों से जोड़ा जा सके। इस अवसर पर खेल जगत की प्रमुख हस्तियों का सम्मान भी किया गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी वीरभद्र सिंह चौहान एवं राष्ट्रीय खिलाड़ी भूमिक निनामा को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला खेल अधिकारी धनेश्वर मईड़ा, अनिल शर्मा, कमलेश्वर सिंह चौहान, सुरेश त्रिवेदी एवं लालसिंह सउवन ने अतिथियों का स्वागत किया। इस पूरे आयोजन का संचालन विनोद पानेरी द्वारा किया गया। यह बैठक खेलों के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर खेल संस्कृति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

