बांसवाड़ा: कलिंजरा में अवैध 600 टन क्वार्ट्ज पत्थर सीज, संयुक्त टीम की बड़ी कार्रवाई
राजस्थान सरकार के निर्देश पर जिला स्पेशल टीम, पुलिस और खनिज विभाग ने संयुक्त कार्रवाई कर बांसला गांव के पास बंद फैक्ट्री से अवैध खनिज का बड़ा स्टॉक पकड़ा।

बांसवाड़ा (प्रात:काल संवाददाता)। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार अवैध खनिज के भंडारण, तस्करी और परिवहन के विरुद्ध चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत बांसवाड़ा जिले में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। जिला स्पेशल टीम (DST), कलिंजरा थाना पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से स्टॉक करके रखा गया करीब 600 टन क्वार्ट्ज पत्थर सीज किया है। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है।
पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा अवैध खनिजों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के आदेश प्राप्त हुए थे। इन आदेशों की अनुपालना में बागीदौरा वृताधिकारी सुहासी जैन के पर्यवेक्षण में एक विशेष संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम में जिला विशेष शाखा प्रभारी उपनिरीक्षक भंवरलाल मय टीम, कलिंजरा थानाधिकारी प्रभारी उपनिरीक्षक गोपाल तथा खनिज विभाग की टीम शामिल थी। संयुक्त टीम को कलिंजरा क्षेत्र में अवैध क्वार्ट्ज पत्थरों की एक फैक्ट्री संचालित होने की सटीक सूचना मिली थी, जिस पर कार्रवाई के लिए टीम तत्काल कलिंजरा क्षेत्र के बांसला गांव के समीप बालावाड़ा मार्ग पर स्थित संबंधित ठिकाने पर पहुंची।
मौके पर की गई जांच पड़ताल के दौरान टीम ने वहां मौजूद फैक्ट्री के प्रतिनिधियों, बांसला निवासी नितेश कुमार राठौड़ और मन्नु पटेल से खनिज स्टॉक से संबंधित वैध दस्तावेज और अनुज्ञा पत्र पेश करने को कहा। इस पर दोनों प्रतिनिधि कोई भी संतोषप्रद जवाब नहीं दे पाए। पूछताछ में उनके द्वारा दावा किया गया कि यह फैक्ट्री पिछले डेढ़ साल से पूरी तरह बंद पड़ी है, जबकि मौके की हकीकत इसके बिल्कुल उलट थी। संयुक्त टीम को निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में स्थापित मशीनों द्वारा क्वार्ट्ज पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़े किए जाने के ताजा और स्पष्ट साक्ष्य मिले।
इसके अतिरिक्त, मौके पर कोई भी वैध अनुबंध दस्तावेज या कागजात पेश नहीं किए जा सके। जब टीम ने वहां मौजूद रिकॉर्ड रजिस्टर की गहनता से जांच की, तो उसमें 16 मई तक विभिन्न वाहनों के माध्यम से क्वार्ट्ज पत्थरों के परिवहन संबंधी प्रविष्टियां (इन्द्राज) दर्ज पाई गईं, जिससे फैक्ट्री के लगातार संचालित होने की पुष्टि हुई।
वैध दस्तावेजों के अभाव और अवैध भंडारण पाए जाने पर संयुक्त टीम ने मौके पर मौजूद संपूर्ण 600 टन क्वार्ट्ज पत्थरों के स्टॉक को जीओ टैग (Geo-Tag) के साथ फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करवाकर पूरी तरह से सीज कर दिया। कानूनी और आधिकारिक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए आगामी अग्रिम जांच और नियमानुसार कार्रवाई के लिए यह मामला खनिज विभाग के माइनिंग इंजीनियर पूंजीलाल मईड़ा को सौंप दिया गया है। प्रशासन की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में अवैध खनन और खनिजों के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

