बांसवाड़ा: शव का अनादर करने और पुलिस कार्य में बाधा डालने पर केस दर्ज
गढ़ी थाना क्षेत्र के मादलदा गांव में शव पर टेंट लगाकर प्रदर्शन करने और पोस्टमार्टम रोकने के आरोप में दशरथ सिंह वाघेला सहित अन्य पर हुई कानूनी कार्रवाई।

बांसवाड़ा। राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम 2023 के तहत बांसवाड़ा जिले की गढ़ी थाना पुलिस ने शव का अनादर करने और राजकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रकरण दर्ज किया है। यह मामला गत 3 मई को मादलदा गांव में देवाजी यादव के पुत्र डूंगरलाल यादव का शव खेत में मिलने के बाद उपजे विवाद से जुड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही गढ़ी थानाधिकारी रमेश मीणा पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे थे, जहां मृतक के परिजनों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र थे।
मौके पर मौजूद भीड़ का नेतृत्व कर रहे वखतपुरा निवासी दशरथसिंह वाघेला, मृतक के परिवार के सदस्यों तथा महेश, निलेश, कल्पेश, राहुल, भुरालाल, अशोक, सुनील यादव व सुनील बुनकर ने पुलिस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। इन लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक डूंगरलाल की मृत्यु का कारण स्पष्ट नहीं होता और कथित हत्यारों को सामने नहीं लाया जाता, तब तक वे शव को वहां से नहीं उठाने देंगे। थानाधिकारी रमेश मीणा द्वारा शव को पोस्टमार्टम हेतु कब्जे में लेने की निरंतर समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। आरोप है कि दशरथ सिंह वाघेला ने उपस्थित जनसमूह को भड़काते हुए वहां टेंट मंगवाए और एक टेंट सीधे शव के ऊपर तथा दूसरा पास ही लगवाकर धरने पर बैठ गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह एवं वृताधिकारी गढ़ी बाबूलाल रेगर भी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उच्चाधिकारियों द्वारा काफी समझाइश के बाद भी वाघेला और उनके सहयोगियों ने लोक कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डाली। प्रदर्शनकारियों ने संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार करते हुए यहां तक कह दिया कि भले ही दस दिन तक शव मौके पर सड़ जाए, लेकिन मांगें पूरी होने तक उसे नहीं उठाया जाएगा। पुलिस ने इस कृत्य को शव की गरिमा का उल्लंघन और कानून का अपमान मानते हुए नए पारित कानून 'राजस्थान मृत शरीर का सम्मान अधिनियम 2023' एवं बीएनएस की सुसंगत धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

