बांसवाड़ा: कलिंजरा धर्मान्तरण विवाद में 5 और आरोपी गिरफ्तार, अब तक 9 पकड़े गए
कुशलगढ़ के रवि भाभोर की शिकायत पर पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई; 1 मई को धर्मान्तरण सभा की सूचना पर पहुंचे युवकों पर हुआ था जानलेवा हमला।

बांसवाड़ा। राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कलिंजरा थाना क्षेत्र में धर्मान्तरण को लेकर उपजे विवाद और उसके बाद हुए प्राणघातक हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज घटनाक्रम की शुरुआत 1 मई को हुई थी, जब कुशलगढ़ थाना क्षेत्र के नसीयजी निवासी प्रार्थी रवि पुत्र निर्भय सिंह भाभोर ने पुलिस को रिपोर्ट सौंपी। प्रार्थी ने बताया कि शाम लगभग 6 बजे उसे और उसके मित्रों—प्रशांत तंवर, लव, आदिश एवं अन्य 10 साथियों को सूचना मिली थी कि कलिंजरा में धर्मान्तरण हेतु एक सभा आयोजित की जा रही है, जहाँ गौकशी की आशंका भी जताई गई थी। इस सूचना पर प्रार्थियों ने तत्काल कुशलगढ़ थाने को सूचित किया और स्वयं कलिंजरा डैम के समीप पहुंचे।
जैसे ही प्रार्थी और उसके साथी मौके पर पहुंचे, वहां मौजूद भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। आरोपियों ने अभद्र गालियां देते हुए उन पर हमला बोल दिया और चिल्लाकर कहा कि वे हिंदुओं के यहां नहीं जाते, तो हिंदू उनकी धर्मान्तरण सभा में हस्तक्षेप क्यों कर रहे हैं। हमलावरों ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे धर्मान्तरण करके रहेंगे। इसके उपरांत आरोपियों ने प्रार्थी और उसके साथियों पर लाठी, पत्थर और अन्य घातक हथियारों से जान से मारने की नियत से हमला कर दिया, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जब पीड़ितों ने जान बचाने के लिए वहां से भागने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने पीछे से पत्थर बरसाए और गोफणों का इस्तेमाल कर उन पर प्राणघातक प्रहार किए। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि ये आरोपी जनजाति वर्ग और अन्य धर्म के लोगों को प्रलोभन देकर और बहला-फुसलाकर ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का संगठित कार्य कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरपत सिंह भाटी के सुपरविजन तथा कुशलगढ़ पुलिस उप अधीक्षक महीपाल सिंह के निकट पर्यवेक्षण में कुशलगढ़ थानाधिकारी प्रवीण सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीमों के सतत प्रयासों और दबिश के परिणामस्वरूप, पूर्व में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका था, जिसके बाद अब पांच अन्य वांछित आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण में शेष अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर निरंतर दबिश दे रही हैं। पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई ने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था के प्रति विश्वास जगाया है, लेकिन धर्मान्तरण के इस विवाद ने सामाजिक हलकों में गहरी चिंता पैदा कर दी है।

