बंजारिया में पूर्व खरीफ गोष्ठी एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी
खेरवाड़ा के बंजारिया में आयोजित पूर्व खरीफ गोष्ठी एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, जैविक खेती और आत्मा योजना की गतिविधियों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम ने खरीफ सीजन से पहले किसानों को नई दिशा देने का प्रयास किया।

ग्राम पंचायत बंजारिया के सभागार में आयोजित एक दिवसीय पूर्व खरीफ गोष्ठी एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित महिला एवं पुरुष किसान कृषि विशेषज्ञों से आधुनिक तकनीकों की जानकारी लेते हुए।
आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों को लेकर किसानों को जागरूक एवं प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत बंजारिया के सभागार में आत्मा योजनान्तर्गत एक दिवसीय पूर्व खरीफ गोष्ठी एवं किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, फसल प्रबंधन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रशासक शारदा देवी मीणा ने की। शुभारंभ अवसर पर सहायक कृषि अधिकारी सुरज मल मीणा ने खरीफ गोष्ठी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आत्मा योजनान्तर्गत संचालित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत एफआईजी आधारित किसान समूहों का गठन कर खेती करने वाले किसानों को राज्य एवं राज्य के बाहर भ्रमण, प्रशिक्षण तथा आधुनिक कृषि तकनीकों से अवगत कराने की व्यवस्था की जाती है, जिससे किसानों को नवीन कृषि पद्धतियों का लाभ मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी मुकेश पानेरी ने आगामी खरीफ मौसम को ध्यान में रखते हुए विभिन्न फसलों की उन्नत कृषि क्रियाओं, उत्पादन वृद्धि के उपायों एवं प्रभावी फसल प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। वहीं सहायक कृषि अधिकारी राकेश कुमार खेरवाड़ा-द्वितीय ने कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और उनके लाभों के बारे में विस्तार से किसानों को अवगत कराया।
सीएमएफ संस्था के प्रतिनिधि सुख लाल परमार ने जैविक खेती के महत्व पर विशेष जानकारी देते हुए किसानों को प्राकृतिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जैविक खेती के दीर्घकालिक लाभों और पर्यावरण संरक्षण में उसकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में कृषि पर्यवेक्षक रमणलाल डामोर, मोहित कलाल, रोहित खराड़ी एवं किरन कटारा सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन किरन कटारा ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन पिंकन डामोर द्वारा किया गया।
आगामी खरीफ सीजन से पूर्व आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी योजनाओं और टिकाऊ खेती के विकल्पों से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया, जिससे कृषि उत्पादन एवं किसानों की जागरूकता बढ़ाने की दिशा में सार्थक प्रयास देखने को मिला।

Pratahkal Bureau
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