बडियार। ग्राम पंचायत बडियार में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। जांच रिपोर्ट के प्रारंभिक निष्कर्षों ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है, जिसमें सुशीला कंबर नामक महिला को एक ही समय में नरेगा योजना और विद्यालय, दोनों स्थानों पर कार्यरत पाया गया है। इस वित्तीय अनियमितता के चलते सुशीला कंबर से 36,222 रुपये की वसूली के आदेश दिए गए हैं, साथ ही मामले में लिप्त दोषी मेट नारायण सिंह को ब्लैकलिस्ट करने की कार्यवाही प्रस्तावित की गई है।

शिकायतकर्ता भरत सिंह ने इस पूरी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि यह जांच उनकी अनुपस्थिति में दुर्भावनापूर्ण तरीके से की गई। सिंह के अनुसार, सरपंच ज्योत्स्ना कुंवर राव ने प्रत्येक वार्ड में दो से तीन ऐसे व्यक्ति तैनात कर रखे हैं जो जॉब कार्ड एकत्रित करते हैं और स्वयं अन्य सदस्यों के नाम पर अवैध रूप से कार्य करते हैं। हालांकि, जांच दल द्वारा लिए गए 11 श्रमिकों के बयानों में किसी भी फर्जीवाड़े से इनकार किया गया है, किंतु शिकायतकर्ता का दावा है कि ये बयान उन्हीं श्रमिकों के हैं जो स्वयं इस भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं।

भ्रष्टाचार की परतें खोलते हुए शिकायतकर्ता ने विशिष्ट नामों का उल्लेख किया है, जिसमें उपसरपंच नारायण गुर्जर का नाम प्रमुख है। आरोप है कि विद्युत विभाग (पावरहाउस) बडियार में 14,000 रुपये मासिक वेतन पर कार्यरत होने के बावजूद उनके खाते में नरेगा मद से 84,446 रुपये का भुगतान किया गया। इसी प्रकार, महिला साक्षरता पाठशाला चलाने वाली और एनजीओ से मानदेय प्राप्त करने वाली गजल जाट के खाते में 4,140 रुपये हस्तांतरित हुए। जांच रिपोर्ट में दोषी पाए गए नारायण सिंह (मरतडी) और मेट पत्नी के प्रभाव का उपयोग करने वाले नानालाल मेघवाल की भूमिका भी संदिग्ध बताई गई है। ग्राम पंचायत में 3,000 रुपये मासिक पर कार्यरत रम्भा बाई के नाम का भी दुरुपयोग किया गया है, जबकि एक कार्मिक ने बयान दिया कि नरेगा में काम का लालच देकर उनके अंगूठे लगवाए गए। गुजरात में कार्यरत श्रमिकों के खातों में भुगतान होने की घटना ने पूरी प्रणाली की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जिसके चलते अब उपखण्ड अधिकारी से इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच करने का पुरजोर आग्रह किया गया है।

Pratahkal Hub

Pratahkal Hub

प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"

Next Story