बाबूलाल खराड़ी ने उदयपुर मशरूम प्रयोगशाला का किया दौरा, खेती को बढ़ावा देने पर जोर
कैबिनेट मंत्री ने जनजाति बहुल क्षेत्रों के युवाओं और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मशरूम उत्पादन और तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी ली।

उदयपुर के महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की अखिल भारतीय समन्वित मशरूम अनुसंधान परियोजना प्रयोगशाला में निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी (भगवा पटके में) को तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी देते परियोजना प्रभारी प्रोफेसर नारायण लाल मीणा व अन्य वैज्ञानिक।
उदयपुर स्थित महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशालय के अंतर्गत संचालित अखिल भारतीय समन्वित मशरूम अनुसंधान परियोजना की प्रयोगशाला का शुक्रवार को राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री माननीय श्री बाबूलाल जी खराड़ी साहब ने दौरा किया। मशरूम के पौष्टिक एवं औषधीय गुणों, युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर, घर बैठे अतिरिक्त आमदनी तथा फसल अवशेषों के सदुपयोग को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने जनजाति बहुल क्षेत्रों में मशरूम खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
परियोजना प्रभारी प्रोफेसर नारायण लाल मीणा ने बताया कि मंत्री महोदय ने प्रयोगशाला में संचालित गतिविधियों का निरीक्षण किया तथा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने मशरूम उत्पादन, तकनीकी प्रक्रियाओं, किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं को लेकर वैज्ञानिकों से बारीकी से चर्चा की।
निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री श्री बाबूलाल जी खराड़ी ने कहा कि वर्तमान समय में मशरूम खेती ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं के लिए स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि जनजाति बहुल क्षेत्रों में मशरूम की खेती को अधिक से अधिक बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जाए, ताकि किसानों और युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके।
मशरूम प्रयोगशाला की किसान हितैषी प्रगति और अनुसंधान कार्यों को देखकर मंत्री महोदय ने संतोष व्यक्त किया। दौरे के दौरान उनके साथ निजी सचिव श्री रमेश चंद्र मीणा, अनुसंधान निदेशक प्रोफेसर आर.एल. सोनी, उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा तथा मशरूम प्रयोगशाला के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में संचालित यह परियोजना जनजाति क्षेत्रों में कृषि आधारित स्वरोजगार, अतिरिक्त आय के स्रोत और कृषि अपशिष्ट के उपयोग को नई दिशा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
