असूचंड सोमवार को, जयपुर के झूलेलाल मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन
असूचंड पर्व सोमवार 12 अक्टूबर को जयपुर में मनाया जाएगा। झूलेलाल मंदिरों में पंचामृत अभिषेक, ज्योति प्रज्ज्वलन, धर्म ध्वजा, लोकनृत्य छेज, भंडारा, विद्यार्थियों का सम्मान और विशेष धार्मिक आयोजन होंगे।

तस्वीर में जयपुर के झूलेलाल मंदिर में असूचंड पर्व के अवसर पर जलती हुई अखंड ज्योति और सजे हुए दरबार के दर्शन कर रहे श्रद्धालु नजर आ रहे हैं।
सिंधी समाज सोमवार, 12 अक्टूबर को असूचंड पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाएगा। इस अवसर पर जयपुर के विभिन्न झूलेलाल मंदिरों में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। तुलसी संगतानी ने बताया कि सिंधी समाज के इष्टदेव भगवान श्री झूलेलाल अनंत चतुर्दशी को अंतर्ध्यान हुए थे। उनके अंतर्ध्यान होने के बाद उस स्थान पर एक ओर अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई तथा दूसरी ओर तुरबत का निर्माण किया गया। सिंध स्थित यह स्थान उडेरोलाल स्थान कहलाता है। अनंत चतुर्दशी के बाद आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को सभी लोग वहां एकत्र हुए और मिल-जुलकर यह पर्व मनाया। तभी से असूचंड मनाने की परंपरा चली आ रही है। इसे एकता दिवस के रूप में भी जाना जाता है।
पूज्य सिंधी पंचायत शास्त्री नगर के अध्यक्ष हरीश असरानी ने बताया कि सोमवार सुबह 7 बजे भगवान श्री झूलेलाल का पंचामृत अभिषेक होगा और विग्रह को नवीन वस्त्र धारण कराए जाएंगे। दोपहर 12 बजे विधायक बालमुकुंदाचार्य ज्योति प्रज्ज्वलित करेंगे तथा धर्म ध्वजा फहराई जाएगी।
जवाहर नगर सेक्टर-2 में शाम 6 बजे से लोकनृत्य छेज की प्रस्तुति होगी। अध्यक्ष रमेश हरपलानी ने बताया कि मुख्य संरक्षक तुलसी त्रिलोकानी बहिराणा साहिब की ज्योति प्रज्ज्वलित करेंगे और भंडारा प्रसादी होगी।
दयावान झूलेलाल मंदिर, नांगल बैनाड़ रोड पर दो दिवसीय कार्यक्रम होगा। नानक राम थावानी ने बताया कि रविवार शाम 5.30 बजे मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान किया जाएगा।
मानसरोवर सेक्टर 61 से 63 की पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष प्रदीप मोटवानी ने बताया कि मंदिर में सोमवार सुबह 10:30 बजे से बच्चों के रंगारंग कार्यक्रम होंगे। बच्चों के मुंडन और जनेऊ संस्कार भी होंगे। विशेष पल्लव प्रार्थना से विश्व मंगल की कामना की जाएगी।
राजापार्क सिंधी कॉलोनी झूलेलाल मंदिर के अध्यक्ष प्रेमचंद कुंदनानी ने बताया कि मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। बनीपार्क, अग्रवाल फार्म, आदर्श नगर, कंवर नगर, सांगानेर और दुर्गापुरा सहित कई क्षेत्रों में भी असूचंड पर विशेष आयोजन होंगे।
असूचंड पर शुक्ल पक्ष की द्वितीया के चंद्र दर्शन को भी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि चंद्र दर्शन से मन के विकार दूर होते हैं और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस तरह सोमवार को जयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संस्कारों और सामूहिक आयोजनों के साथ असूचंड पर्व मनाया जाएगा।

