उदयपुर (वि.)। समाज में आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की राह दिखाने वाली पहल के रूप में नारायण सेवा संस्थान ने एक और उपलब्धि अपने नाम की। संस्थान के लियो का गुड़ा बड़ी परिसर में संचालित सिलाई प्रशिक्षण कोर्स के 67वें बैच का समापन समारोह सोमवार को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समारोह में दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों ने अपनी उपलब्धियों को साझा करते हुए आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि संस्थान वर्षों से दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास हेतु समर्पित है। आत्मनिर्भरता को जीवन का आधार बनाते हुए यहां निरंतर विभिन्न कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सिलाई प्रशिक्षण जैसे कोर्स न केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम हैं, बल्कि आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन की दिशा में भी एक सशक्त कदम हैं।

समारोह में संस्थान की निदेशक वंदना अग्रवाल ने त्रैमासिक सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने वाले 14 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए। प्रशिक्षणार्थियों ने इस अवसर पर संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां प्राप्त प्रशिक्षण ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा दी है।

कार्यक्रम का माहौल आत्मगौरव और प्रेरणा से भरा रहा, जहां प्रत्येक मुस्कान इस बात का प्रतीक थी कि दिव्यांगता बाधा नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प से सफलता की सीढ़ी बन सकती है। नारायण सेवा संस्थान का यह सतत प्रयास समाज में समावेश और सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story