अमरपुरा में 4 माह से अधूरी सड़क बनी हादसों का कारण, बुजुर्ग को लगे 20 टांके
अमरपुरा खालसा में चार माह से अधूरी सीसी सड़क पर हादसों का सिलसिला जारी है। बुजुर्ग के पैर में सरिया घुसने से 20 टांके लगे, दंपती व युवक घायल हुए और कार फंस गई। ग्रामीणों ने जांच और काम पूरा कराने की मांग की।

तस्वीर में भींडर-उदयपुर मुख्य मार्ग पर अधूरी पड़ी सीसी सड़क और बारिश के कारण जमा कीचड़ तथा पानी दिखाई दे रहा है।
खेरोदा 30-08-2026। अमरपुरा (खालसा) में भींडर-उदयपुर मुख्य मार्ग पर चार महीने से अधूरी पड़ी सीसी सड़क अब राहगीरों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन गई है। 25 अप्रैल को सड़क की खुदाई के बाद शुरू हुआ निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका। सड़क के एक हिस्से में सीसी निर्माण कर दिया गया, जबकि दूसरा हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। दोनों हिस्सों के बीच ऊंचाई के अंतर, कीचड़ और खुले पड़े सरियों के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। 20 जुलाई को मेनार निवासी एक बुजुर्ग के पैर में सरिया घुसने से उन्हें करीब 20 टांके आए। 27 अगस्त को बाइक सवार दंपती घायल हुए, जबकि 28 अगस्त को एक युवक गंभीर रूप से चोटिल हो गया। इसी रात एक कार भी अधूरे हिस्से में फंस गई।
ग्रामीणों का दावा है कि पिछले चार माह में इस स्थान पर 25 से 30 हादसे हो चुके हैं। वाहन फिसलने और फंसने की घटनाएं भी आए दिन हो रही हैं, इसके बावजूद सड़क का काम पूरा नहीं हुआ है।
भींडर-उदयपुर मुख्य मार्ग पर लोक निर्माण विभाग के अधीन वीर तेजाजी कंस्ट्रक्शन की ओर से सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार 25 अप्रैल को सड़क की खुदाई की गई थी। इसके बाद करीब दो माह तक काम आगे नहीं बढ़ा। 1 जुलाई से 10 जुलाई के बीच सड़क की एक तरफ सीसी निर्माण किया गया, लेकिन दूसरी तरफ का हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया। अब बनी हुई सड़क और अधूरे हिस्से के बीच ऊंचाई का अंतर राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
सामने से बस या बड़ा वाहन आने पर दुपहिया और छोटे वाहनों को सड़क के नीचे अधूरे हिस्से में उतरना पड़ता है। बारिश के दौरान यह हिस्सा कीचड़ से भर जाता है, जिससे वाहन फिसलने और फंसने का खतरा बढ़ जाता है। दुपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और अधिक जोखिम भरी हो जाती है।
27 अगस्त को बाइक सवार दंपती सड़क पर गिर गए। दोनों के सिर और पैरों में चोट आई। उन्हें 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। 28 अगस्त को अमरपुरा पंचायत निवासी एक व्यक्ति दुपहिया वाहन से गिर गया। उसके हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं। 28 अगस्त की रात भाजपा मंडल अध्यक्ष विपिन गिरी के भाई की कार भी अधूरे हिस्से में फंस गई। काफी मशक्कत के बाद कार को निकाला जा सका।
इससे पहले 20 जुलाई को मेनार निवासी एक बुजुर्ग दुपहिया वाहन से गिर गए थे। ग्रामीणों के अनुसार अधूरे रोड पर खुले पड़े सरिये से उनके पैर में गंभीर चोट लगी। चोट इतनी गंभीर थी कि करीब 20 टांके लगाने पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के बाद भी अधूरे हिस्से में खुले सरिये और अन्य अवरोध हटाने के लिए प्रभावी इंतजाम नहीं किए गए।
यह सड़क उदयपुर-भींडर-प्रतापगढ़ मार्ग का हिस्सा है। इस मार्ग से रोजाना प्राइवेट बसों, रोडवेज बसों, चारपहिया और दुपहिया वाहनों से सैकड़ों यात्री गुजरते हैं। ग्रामीणों के अनुसार दो वाहन आमने-सामने आने पर स्थिति गंभीर हो जाती है और एक वाहन को अधूरे तथा नीचे हिस्से में उतरना पड़ता है। बारिश के दौरान वहां कीचड़ जमा होने से वाहन फंस जाते हैं।
ग्रामीणों ने सड़क के जिस हिस्से में सीसी निर्माण हुआ है, उसमें दरारें आने का आरोप लगाते हुए निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने सड़क की तकनीकी जांच कराने और निर्माण में खामी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क को केवल पूरा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता की भी जांच की जानी चाहिए।
सड़क के साथ गांव की सफाई और नाली निर्माण को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि नाली निर्माण और साफ-सफाई का काम नाकोड़ा इंटरप्राइजेज के पास है, लेकिन गांव में नियमित सफाई नहीं हो रही है। मुख्य सड़क के किनारे नाली निर्माण भी अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि काम पूरा किए बिना भुगतान उठा लिया गया। यह आरोप जांच का विषय है, इसलिए ग्रामीणों ने पूरे कार्य और भुगतान की जांच कराने की मांग की है।
नाली अधूरी होने से बारिश का पानी और कीचड़ मुख्य सड़क पर फैल रहा है, जिससे अधूरी सड़क की परेशानी और बढ़ रही है।
अमरपुरा खालसा के राजमल तेली, उदयलाल बैरी, बाबूलाल जानवा, भानु सुथार, बाबूलाल जाट, अभिमन्यु जाट, रमेश कोठारी, लालचंद गायरी, गणेशलाल प्रजापत, जगदीश सेन, भारतलाल जानवा, भगत प्रजापत और दिनेश मंडिया सहित ग्रामीणों ने बताया कि अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सड़क का काम तत्काल पूरा कराने, खुले सरिये हटाने, सुरक्षा इंतजाम करने और सीसी सड़क की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर पंचायत चुनाव में मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी है।
अमरपुरा खालसा निवासी विक्रम जाट ने कहा, “चार महीने से लोग परेशान हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”
अमरपुरा खालसा के उपसरपंच मनसुख जैन ने कहा, “गांव में साफ-सफाई, नालियों के निर्माण और क्षतिग्रस्त सड़क को लेकर जनता में आक्रोश है। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”
इस मामले में वल्लभनगर के सहायक अभियंता राजेश कुमावत ने बताया, “ठेकेदार से बात हुई है कुछ फंड की दिक्कत है। राखी के बाद काम शुरू करवाया जाएगा।”
चार माह से अधूरी सड़क, खुले सरिये, कीचड़ और लगातार सामने आ रही दुर्घटनाओं ने निर्माण कार्य की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब बुजुर्ग के पैर में सरिया घुसने से 20 टांके आ चुके हैं, दंपती और युवक घायल हो चुके हैं तथा वाहन आए दिन फंस रहे हैं, तब भी सड़क का काम पूरा होने का इंतजार बना हुआ है। ग्रामीण अब केवल सड़क पूरी कराने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि अधूरे निर्माण की वजह, काम की गुणवत्ता, नाली निर्माण और भुगतान की भी जांच चाहते हैं। अब जिम्मेदार विभाग के स्तर पर सड़क को सुरक्षित बनाने और निर्माण पूरा कराने की कार्रवाई पर सबकी नजर है।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
