उदयपुर: एटक जिला परिषद ने मनाया मजदूर दिवस, नए लेबर कोड का जताया विरोध
रेती स्टैंड स्थित यूनियन कार्यालय पर झंडा सलामी के बाद गोष्ठी आयोजित, डॉ. प्रीतम जोशी की अध्यक्षता में श्रमिक अधिकारों पर हुई चर्चा।

उदयपुर। विश्व मजदूर दिवस के गौरवमयी अवसर पर उदयपुर के रेती स्टैंड स्थित यूनियन कार्यालय में एटक जिला परिषद द्वारा एक गरिमामय समारोह एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ झंडा सलामी के साथ हुआ, जहाँ मौजूद यूनियन कार्यकर्ताओं और श्रमिकों ने 'दुनिया के मजदूरों एक हो', 'इंकलाब जिंदाबाद' और '4 लेबर कोड वापस लो' जैसे बुलंद नारों के साथ अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। इस आयोजन में उदयपुर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में मजदूरों और सक्रिय यूनियन कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक अपनी भागीदारी दर्ज कराई।
झंडा सलामी के पश्चात आयोजित विशेष गोष्ठी की अध्यक्षता डॉ. प्रीतम जोशी ने की। चर्चा के केंद्र में देश के मजदूरों की वर्तमान दयनीय स्थिति और उनके संवैधानिक अधिकारों पर हो रहे प्रहार रहे। वक्ताओं ने केंद्र सरकार की नई मजदूर नीति की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर उनके स्थान पर लाए गए 4 नए लेबर कोड सीधे तौर पर श्रमिक अधिकारों को कमजोर करने की साजिश हैं।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए एटक जिला सचिव सुभाष श्रीमाली ने मजदूर दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह दिवस 1886 में शिकागो के उन वीर शहीद मजदूरों की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्होंने 8 घंटे कार्य दिवस की उचित मांग को लेकर अपना बलिदान दिया था। श्रीमाली ने उस दमनकारी घटना का स्मरण कराया जब शिकागो में आंदोलनकारी मजदूरों पर मालिकों के गुंडों और पुलिस प्रशासन ने बर्बरतापूर्वक गोलियां बरसाकर सैकड़ों निर्दोषों को मौत के घाट उतार दिया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसी ऐतिहासिक संघर्ष का परिणाम था कि आज पूरी दुनिया में 8 घंटे कार्य दिवस का कानून अस्तित्व में है। यह आयोजन न केवल श्रमिकों के संघर्ष को नमन करने का माध्यम बना, बल्कि वर्तमान चुनौतियों के विरुद्ध एकजुट होकर लड़ने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।

