उदयपुर जिले के वल्लभनगर थाना पुलिस और स्थानीय युवाओं की संयुक्त प्रयासों से करीब 9 महीने पहले अपने परिवार से बिछड़े राहुल झा को सोमवार को पुनः उनके परिजनों से मिलवाया गया। यह मिलन इतनी भावनात्मक घटना थी कि परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।

घटना की शुरुआत लगभग एक साल पहले हुई, जब बिहार के दरभंगा जिले के नवादा गांव निवासी मंदबुद्धि राहुल झा बिना किसी सूचना के घर से निकल गए। इसके बाद राहुल कई कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए राजस्थान आ पहुंचे। उदयपुर से चित्तौड़गढ़ नेशनल हाईवे पर बालाजी गौशाला के संचालक शोभालाल जणवा और गोसेवक ललित मेनारिया ने राहुल को गंभीर घायल अवस्था में देखा और तुरंत अस्पताल में उनका इलाज करवाया।

इस दौरान राहुल के परिजनों का पता नहीं चल पाया। अतः गौशाला संचालक ने उसे अपने साथ गौशाला में रखा और वल्लभनगर थाना पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी। पुलिस और युवाओं की टीम ने सोशल मीडिया की मदद से लगातार प्रयास शुरू किए। एडवोकेट लेहरी लाल डांगी, थानाधिकारी दिनेश पाटीदार, एएसआई महेंद्र मीणा और युवाओं की टीम ने राहुल के परिजनों का पता लगाने में दिन-रात मेहनत की।

लगातार प्रयासों के बाद सफलता मिली और राहुल के परिवार का पता चल गया। इसके बाद परिजनों को वल्लभनगर थाना बुलाकर राहुल को सकुशल सुपुर्द किया गया। एक साल बाद अपने बेटे को देखकर परिजनों की आंखें भर आईं। उन्होंने वल्लभनगर पुलिस और युवाओं का तहेदिल से धन्यवाद किया।

यह घटना न केवल मानवता और सामुदायिक सहयोग की मिसाल पेश करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि अथक प्रयास और सही दिशा में की गई कोशिशें कभी नाकाम नहीं जातीं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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