उदयपुर जिले के खेरवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने वन विभाग में तैनात दो वनरक्षकों को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई डूंगरपुर एसीबी की टीम ने खेरवाड़ा रेंज के कातरवास में की, जिसमें वन विभाग की गंभीर भूमिका सामने आई।

जानकारी के अनुसार, एसीबी डूंगरपुर को एक शिकायत मिली थी कि परिवादी और उसका सहयोगी अवैध लकड़ी के व्यापार में लिप्त हैं। शिकायत के आधार पर 29 नवंबर को परिवादी ने फलासिया से ट्रक में नीलगिरी और सेमल की लकड़ी भरकर खेरवाड़ा भेजी। वहीं, उसका सहयोगी झाड़ोल से नीलगिरी की लकड़ी लेकर दूसरी गाड़ी खेरवाड़ा की ओर रवाना किया।

जैसे ही परिवादी को सूचना मिली कि दोनों गाड़ियां खेरवाड़ा स्थित वन विभाग नाका कातरवास में पकड़ी गई हैं, वनरक्षक महेश कुमार मीणा और विजेश अहारी ने लकड़ी को छोड़ने के एवज में रिश्वत की मांग की। इस सूचना के बाद एसीबी टीम ने सत्यापन और ट्रेप कार्रवाई के लिए तुरंत कदम उठाया।

एसीबी डूंगरपुर के प्रभारी रतन सिंह राजपुरोहित और उप महानिरीक्षक प्रथम डॉ. रामेश्वर सिंह की सुपरविजन में हुई इस कार्रवाई में वनरक्षकों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर रिश्वत की पूरी राशि जब्त की गई। इस गिरफ्तारी से न केवल वन विभाग में भ्रष्टाचार की गंभीरता उजागर हुई, बल्कि ऐसे काले धंधों पर कड़ी कार्रवाई की भी मिसाल कायम हुई।

एसीबी द्वारा की गई यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि सरकारी तंत्र में अवैध लेन-देन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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