उदयपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान विद्यालय शिक्षा) की जिला साधारण सभा रविवार को संगठन की परंपरा के अनुरूप आयोजित हुई, जिसमें प्रदेशाध्यक्ष रमेश चन्द्र पुष्करणा ने उदयपुर जिले की नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए पुष्पेंद्र सिंह झाला को पुनः जिलाध्यक्ष मनोनीत किया। बैठक में संगठन के इतिहास, विकास यात्रा, नाम परिवर्तन के कारणों और भविष्य की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की शुरुआत वन्दे मातरम् के साथ हुई। प्रदेशाध्यक्ष रमेश चन्द्र पुष्करणा ने कहा कि यह पहली जिला साधारण सभा संगठन की नई कार्यप्रणाली के अनुरूप आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि संगठन की स्थापना वर्ष 1954 में श्रद्धेय देवजी पाठक ने राजस्थान शिक्षक संघ के रूप में की थी। वर्ष 2004 में माउंट आबू अधिवेशन में संवैधानिक संशोधन के बाद संगठन का नाम राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय रखा गया। उन्होंने कहा कि बांसवाड़ा में आयोजित प्रदेश शैक्षिक सम्मेलन में पारित प्रस्ताव के अनुसार अब संगठन पूरे देश में एक समान पहचान स्थापित करने के उद्देश्य से राजस्थान में भी अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नाम से कार्य करेगा।

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि महासंघ का उद्देश्य केवल शिक्षकों के अधिकारों की बात करना नहीं है, बल्कि कर्तव्यों, राष्ट्रहित और शिक्षा की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भी है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश राज्यों में संगठन एक ही नाम से कार्य कर रहा है, इसलिए राष्ट्रीय एकरूपता के लिए यह परिवर्तन आवश्यक था।

बैठक में संगठन की नई परिपाटी के तहत सभी निर्णयों का अनुमोदन ‘ओम’ की ध्वनि के साथ किया गया। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि संगठन द्वारा सौंपा गया प्रत्येक दायित्व आदेश के रूप में स्वीकार कर पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ निभाना प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्र, समाज और संगठन के प्रति स्वयंसेवक भाव से कार्य करने का आह्वान करते हुए उदयपुर जिले और संभाग को प्रदेश में अग्रणी बनाए रखने का संकल्प दिलाया।

इसके बाद संगठन के विधान के अनुच्छेद के तहत उदयपुर जिले की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। नई टीम में पुष्पेंद्र सिंह झाला को पुनः जिलाध्यक्ष, मदन कुमार जैन को जिला मंत्री, करण सिंह चौहान को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सुनील मंडोवरा को कोषाध्यक्ष तथा श्रीमती प्रतिभा राव को महिला उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों का उपस्थित कार्यकर्ताओं ने तालियों और ‘ओम’ की ध्वनि के साथ स्वागत किया।

अपने उद्बोधन में रमेश चन्द्र पुष्करणा ने आगामी सदस्यता अभियान को संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पिछले वर्षों में सदस्यता लगातार बढ़ी है और अब लक्ष्य सवा तीन लाख सदस्य बनाने का है। उन्होंने कहा कि संगठन को केवल सर्वव्यापी नहीं बल्कि सर्वस्पर्शी बनाना होगा। इसके लिए प्रत्येक कार्यकर्ता को सक्रिय भूमिका निभानी होगी तथा जो पदाधिकारी अपेक्षित कार्य नहीं कर रहे हैं, उनके स्थान पर नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को अवसर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन, समयबद्धता और प्रामाणिकता को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि संगठन की पहचान उसके कार्यकर्ताओं के व्यवहार से बनती है। विद्यालय, समाज और संगठन तीनों स्थानों पर अनुशासित एवं समय का पाबंद कार्यकर्ता ही सम्मान प्राप्त करता है।

कार्यकर्ताओं को प्रेरित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष ने दो उदाहरण भी साझा किए। एक उदाहरण में उन्होंने ऐसे कार्यकर्ता का उल्लेख किया जिसने गृह प्रवेश जैसे पारिवारिक आयोजन के बावजूद संगठन के सम्मेलन को प्राथमिकता दी। दूसरे उदाहरण में एक कार्यकर्ता ने अपनी छह माह की पुत्री के निधन का समाचार मिलने के बाद भी संगठन के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए बैठक पूरी होने के बाद ही प्रस्थान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से ही संगठन मजबूत बनता है।

बैठक के अंत में नवनियुक्त पदाधिकारियों का अभिनंदन किया गया तथा सभी कार्यकर्ताओं ने संगठन की विचारधारा, अनुशासन और सदस्यता अभियान को नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उदयपुर जिले में पुष्पेंद्र सिंह झाला के पुनः जिलाध्यक्ष मनोनीत होने पर कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।

Pratahkal Bureau

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