अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (राजस्थान, विद्यालय शिक्षा) ने संगठन के व्यापक विस्तार और उसके सुचारू संचालन को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय लिया है। महासंघ के प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने संगठनात्मक ढांचे को नया रूप देते हुए इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं, जिससे पूरे राज्य के शैक्षिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान की विभिन्न जिला इकाइयों से प्राप्त हुए संगठनात्मक प्रस्तावों पर प्रदेश नेतृत्व द्वारा गहन विचार-विमर्श, सूक्ष्म परीक्षण और व्यापक समीक्षा की गई। इसके पश्चात प्रदेश नेतृत्व ने उदयपुर, ब्यावर और प्रतापगढ़ जिलों में नए खंडों के गठन और वर्तमान खंड के नाम में आंशिक परिवर्तन करने के प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी।

जारी किए गए आधिकारिक आदेश के तहत संगठन के स्वरूप में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उपशाखा यानी खंड के नाम परिवर्तन के अंतर्गत उदयपुर जिले के 'मावली ब' खंड का नाम अब पूर्ण रूप से परिवर्तित करके 'घासा' कर दिया गया है। इसके साथ ही, संगठन को धरातल पर और अधिक मजबूती देने तथा प्रशासनिक सुगमता के उद्देश्य से तीन प्रमुख जिलों में नई उपशाखाओं का नवगठन भी किया गया है। इसके तहत प्रतापगढ़ जिले के धरियावाद खंड से पृथक कर 'मूंगाणा' नए खंड का गठन किया गया है, ब्यावर जिले के जैतारण खंड से 'रास' नए खंड का उदय हुआ है, और उदयपुर जिले के कोटड़ा खंड से 'देवला' नए खंड के रूप में अस्तित्व में आया है।

विभागीय एवं प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत यह महत्वपूर्ण संगठनात्मक आदेश प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा द्वारा संबंधित जिलों के जिलाध्यक्षों और जिलामंत्रियों को तत्काल प्रभाव से लागू करने हेतु प्रेषित कर दिया गया है। महासंघ का यह कदम जमीनी स्तर पर शिक्षकों की आवाज को और मुखर करने तथा संगठन की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक युगांतकारी मोड़ साबित होगा।

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