खेरोदा में मकर संक्रांति पर उमड़ा सेवा का सैलाब: वनवासी उत्थान और गौ सेवा के लिए जुटाया 'सेवानिधि' का महादान
मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर खेरोदा कस्बे में 'सेवानिधि' संग्रहण के जरिए सेवा का अनूठा संकल्प लिया गया। भेरूलाल पाराशर, भूपेंद्र कुमार आमेटा और कुशाल सिंह सहित ग्रामीणों ने वनवासी सहायता और गौ सेवा के लिए बढ़-चढ़कर दान दिया। स्वयंसेवकों के इस प्रेरणादायक अभियान ने समाज में मानवता और सेवा की नई अलख जगाई है।

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर जब पूरा देश सूर्य के उत्तरायण होने का उत्सव मना रहा है, वहीं मेवाड़ की माटी के कस्बे खेरोदा में सेवा और समर्पण की एक ऐसी अविरल धारा बही जिसने मानवता की मिसाल पेश कर दी। कस्बे के ऊर्जावान स्वयंसेवकों ने अपनी गौरवशाली परंपरा को जीवंत रखते हुए इस वर्ष भी 'सेवानिधि' संग्रहण अभियान का शंखनाद किया, जिसमें श्रद्धा और सहयोग का अनूठा संगम देखने को मिला। दान-पुण्य के इस महापर्व पर खेरोदावासियों ने खुले मन से अपनी सामर्थ्य अनुसार आहुति दी, जिसका उद्देश्य सुदूर वनांचलों में अभावों के बीच जीवन बसर कर रहे वनवासी बंधुओं को संबल प्रदान करना और बेसहारा गौवंश की सेवा के प्रकल्पों को गति देना है।
अभियान के दौरान कस्बे की गलियों में उत्साह का माहौल था, जहाँ स्वयंसेवकों की टोली ने जन-जन को सेवा के इस पुनीत कार्य से जोड़ा। इस महाकुंभ में ग्रामीण भेरूलाल पाराशर, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य भूपेंद्र कुमार आमेटा और कुशाल सिंह जैसे प्रबुद्ध नागरिकों ने न केवल स्वयं आगे आकर सेवानिधि अर्पित की, बल्कि समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन करते हुए अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने। इन गणमान्य व्यक्तियों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को एक व्यापक सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया।
स्वयंसेवकों ने इस मुहिम की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सनातन संस्कृति में मकर संक्रांति पर दान का फल अक्षय माना गया है। इस माध्यम से एकत्रित की गई पाई-पाई का उपयोग समाज के उस वंचित वर्ग के उत्थान के लिए किया जाएगा जो आज भी मुख्यधारा से दूर हैं, साथ ही मूक पशुओं की रक्षा और सेवा के प्रकल्पों को इससे मजबूती मिलेगी। कस्बे के अन्य प्रबुद्ध जनों ने भी युवाओं के इस निस्वार्थ प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। खेरोदा में आयोजित यह सेवानिधि संग्रहण कार्यक्रम केवल धन एकत्र करने का जरिया मात्र नहीं रहा, बल्कि इसने यह सिद्ध कर दिया कि सामूहिक प्रयासों और अटूट संकल्प से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के जीवन में प्रकाश लाया जा सकता है।

Budhi prakash parashar (Udaipur)
नाम: बुद्धि प्रकाश पाराशर
वर्तमान पद: सीनियर पत्रकार (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: कस्बा खेरोदा (तहसील: भींडर, जिला: उदयपुर, राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, शिक्षा, प्रशासन, स्वास्थ्य एवं अन्य स्थानीय समाचार
परिचय
बुद्धि प्रकाश पाराशर राजस्थान के उदयपुर जिले के खेरोदा क्षेत्र के एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। वह मुख्य रूप से कस्बा खेरोदा, भींडर तहसील और आसपास के ग्रामीण व शहरी इलाकों को कवर करते हैं। उनके कार्यक्षेत्र में स्थानीय राजनीति, कानून-व्यवस्था (क्राइम), शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन और जनहित से जुड़े सभी मुख्य विषय शामिल हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
बुद्धि प्रकाश पाराशर जी को मीडिया क्षेत्र में 30 साल का लंबा और व्यापक अनुभव है:
- वह साल 2000 से लगातार 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से जुड़े हुए हैं।
- उन्हें 'राजस्थान पत्रिका' के साथ भी काम करने का लंबा अनुभव रहा है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा स्नातक (Graduate) स्तर तक पूरी की है।
