झाड़ोल में मां श्रीयादे जयंती पर उमड़ा आस्था का सैलाब: मिट्टी के चाक से निकली भव्य शोभायात्रा में थिरका मेवाड़ा प्रजापत समाज
झाड़ोल में मेवाड़ा प्रजापत समाज द्वारा मां श्री श्रीयादे जयंती पर भव्य शोभायात्रा और भजन संध्या का आयोजन किया गया। बदराणा मंदिर में महाआरती के बाद सजीव झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा में सैकड़ों समाजजन शामिल हुए। फलासिया, कोल्यारी और खेरवाड़ा सहित कई गांवों के लोगों ने भाग लेकर सामाजिक एकता का संदेश दिया। विस्तृत रिपोर्ट पढ़ें।

झाड़ोल। भक्ति, शक्ति और परंपरा के अनूठे संगम के साथ झाड़ोल उपखण्ड मुख्यालय पर मेवाड़ा प्रजापत (कुम्हार) समाज द्वारा कुलदेवी भक्त शिरोमणि मां श्री श्रीयादेवी की जयंती अत्यंत हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाई गई। मेवाड़ा प्रजापत समाज एवं नवयुवक मंडल झालावाड़-वाकल-भाडेर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में सराबोर कर दिया। माघ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की गूंज चहुंओर सुनाई दी, जिसमें आस्था के साथ-साथ समाज की गौरवशाली संस्कृति की झलक भी साफ दिखाई दी।
उत्सव का आगाज़ माघ शुक्ल बीज की पूर्व संध्या पर समाज भवन में आयोजित भव्य भजन संध्या के साथ हुआ। पंकज प्रजापति ढीमड़ी के अनुसार, इस सत्संग सभा में भजन कलाकारों ने मां श्रीयादे के महिमामंडन से युक्त भजनों की ऐसी सरिता बहाई कि उपस्थित महिलाएं और पुरुष देर रात तक भक्ति भाव में डूबे रहे। अगले दिन प्रातः काल शुभ मुहूर्त में बदराणा स्थित मां श्रीयादे के प्राचीन मंदिर में समाजजनों का हुजूम उमड़ा, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना, बालभोग अर्पण और महाआरती का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर मां के जयकारों से गुंजायमान रहा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
दोपहर के समय मानसी नदी के समीप स्थित समाज भवन से एक भव्य शोभायात्रा का प्रस्थान हुआ, जो इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। बैंड-बाजों की मधुर स्वर लहरियों, सुसज्जित घोड़ों और विशेष रूप से मिट्टी से बर्तन बनाते कुम्हार की सजीव झांकी ने राहगीरों का मन मोह लिया। यह शोभायात्रा डाक बंगले से होते हुए सती चौराहा, डॉ. हेडगेवार मुख्य मार्ग, पुराना बस स्टैंड, हॉस्पिटल रोड और कोर्ट चौराहा जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरी। पूरी यात्रा के दौरान समाज की महिलाएं और युवतियां मां श्रीयादेवी के भजनों पर पारंपरिक नृत्य करती हुई उत्साहपूर्वक आगे बढ़ती रहीं।
इस भव्य आयोजन की सफलता में समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम में समाज संरक्षक पूनमचंद, अध्यक्ष नाथूलाल, युवा अध्यक्ष रमेशचंद के साथ-साथ चम्पालाल, पन्नालाल, मोहनलाल, भैरूलाल, कन्हैयालाल और शंकरलाल जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस उत्सव में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि फलासिया, बिछीवाड़ा, कोल्यारी, मगवास, खाखड़, झाड़ोल, ओंगना, गोराणा, खेरवाड़ा, कंथारिया और ढीमडी जैसे सुदूर गांवों से आए सैकड़ों समाजजनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर एकता का परिचय दिया। शोभायात्रा के पुनः समाज भवन पहुंचने पर भव्य महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जहां सभी ने सामूहिक भोजन कर आपसी सौहार्द को और सुदृढ़ किया। यह आयोजन न केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक रहा, बल्कि मेवाड़ा प्रजापत समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम भी बना।

Vishnu Lohar, Jhadol
नाम: विष्णु लोहार
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल, झाड़ोल)
कार्यक्षेत्र: झाड़ोल, उदयपुर (राजस्थान) - मुख्य रूप से झाड़ोल और गोगुंदा विधानसभा क्षेत्र एवं आसपास का ग्रामीण अंचल
अनुभव: करीब 10 वर्ष
बीट और विशेषज्ञता
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शैक्षणिक योग्यता (Education)
- वाणिज्य स्नातक (B.Com)
- वाणिज्य स्नातकोत्तर (M.Com)
- B.Ed (बैचलर ऑफ एजुकेशन)
- BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग सर्टिफिकेट)
