उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर के समीपवर्ती दरौली गांव में मंगलवार को भक्ति, शक्ति और सामाजिक एकजुटता का एक ऐसा अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने पूरे क्षेत्र को धर्ममय कर दिया। अवसर था प्रजापति समाज की आराध्य कुलदेवी मां श्रीयादे के भव्य पावन जन्मोत्सव का, जहाँ हजारों की संख्या में उमड़े समाजजनों के जयकारों से आसमान गुंजायमान हो उठा। दरौली स्थित माताजी के मंदिर परिसर में आयोजित इस विराट समारोह ने न केवल धार्मिक आस्था को प्रदर्शित किया, बल्कि समाज की संगठनात्मक शक्ति का भी लोहा मनवाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे भाजपा देहात जिला अध्यक्ष पुष्कर तेली ने समाज के चहुंमुखी विकास के प्रति अपनी कटिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया कि समाज की प्रगति में सरकार और संगठन की ओर से कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

इस भव्य महोत्सव का आगाज़ सोमवार की पूर्व संध्या पर एक विशाल भजन संध्या के साथ हुआ, जिसमें विख्यात भजन गायक राजेश वैष्णव ने अपनी सुमधुर आवाज से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। पूरी रात माता के भजनों पर समाज जन झूमते रहे। अगले दिन 20 जनवरी 2026 को मंगलवार की सुबह दरौली की गलियों में एक अभूतपूर्व दृश्य दिखा, जब भव्य शोभायात्रा मंदिर परिसर से रवाना हुई। इस यात्रा में युवाओं का जोश और महिलाओं का उत्साह देखते ही बनता था। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं और डीजे की धुनों पर थिरकते युवा भक्ति के रंग में सराबोर नजर आए। गाँव के मुख्य मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा जब पुनः मंदिर प्रांगण पहुंची, तो वहां का दृश्य किसी कुंभ से कम नहीं लग रहा था।





मेवलिया प्रजापति समाज मेवाड़ चौखला के महामंत्री डीसी प्रजापत बिठौली ने कार्यक्रम की भव्यता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस वर्ष का आयोजन ऐतिहासिक रहा क्योंकि पांचों चौखलों ने एकजुट होकर इसे एक विशाल स्वरूप प्रदान किया। मंच से समाज को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पुष्कर तेली ने भावुक स्वर में कहा कि समाज ने जब भी उन्हें याद किया है, वे सेवा के लिए सदैव तत्पर रहे हैं। उन्होंने मंदिर के आगामी विकास कार्यों के लिए हरसंभव आर्थिक और प्रशासनिक सहयोग का आश्वासन देते हुए समाज के प्रति अपनी गहरी निष्ठा प्रकट की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वागड़ मेवाड़ प्रजापति समाज संस्थान के संभागीय अध्यक्ष डूंगर लाल प्रजापति ने भी सामाजिक एकता और शिक्षा पर जोर दिया।

समारोह के दौरान समाज के गौरव और सहयोगियों को सम्मानित करने का दौर भी चला। मेवाड़ चौखला अध्यक्ष गणेश लाल प्रजापत ने उन भामाशाहों का हृदय से आभार व्यक्त किया जिन्होंने मंदिर निर्माण और डायरेक्ट्री प्रकाशन में अपना अमूल्य योगदान दिया। इस अवसर पर विशेष रूप से भामाशाह भंवरलाल प्रजापत (बिछड़ी), केशुलाल प्रजापत (मॉल की टूस) और उदय लाल प्रजापत (भटेवर) का भव्य स्वागत और सम्मान किया गया। साथ ही अतिथियों द्वारा समाज की नई डायरेक्ट्री और कैलेंडर का विमोचन भी किया गया, जो समाज को डिजिटल और संगठनात्मक रूप से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगी।

इस गरिमामयी आयोजन में विशिष्ट अतिथियों के रूप में गणेश लाल प्रजापत (घासा), मांगीलाल प्रजापत (इटाली), केशवलाल जालोरा, सोहनलाल बेदला, भंवरलाल आयड, नारायणलाल तीतरड़ी, नारायणलाल पीपड़, किशनलाल देलवाड़ा, लक्ष्मीलाल ओडन, लालचंद बागोल, रूपलाल साकरोदा, देवीलाल सराय, उदयलाल महाराज की खेड़ी, प्रेमलाल माल कि टूस, रामलाल दरौली, मोहनलाल लकावली, हीरालाल कविता, दिनेश चंद्र बड़ी, दिनेश छोटा बेदला, रूपलाल सीसारमा, नानालाल मटून, फतेहलाल सविना, रामचंद्र लकड़वास, प्रभुलाल उमरडा, मोहन तीतरड़ी, किशनलाल कड़िया, लक्ष्मीलाल देलवाड़ा, लोगरलाल मटाटा, आसाराम गोडच, भेरूलाल मोलेला, मांगीलाल नन्दोदा, गोटूलाल ओडन, वर्दीचंद मोलेला, नंदलाल धायला और लक्ष्मीलाल मोलेला सहित पांचों चौखलों के अनगिनत समाज जन उपस्थित रहे। यह उत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन मात्र नहीं था, बल्कि इसने प्रजापति समाज की अटूट आस्था और भविष्य के विकास की नई नींव रखने का कार्य किया है।

Pratahkal Bureau

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