उदयपुर। जिले के कुराबड़ क्षेत्र में रविवार को एक बार फिर दहशत का माहौल उस वक्त बन गया जब एक पैंथर ग्रामीण क्षेत्र में घुस आया। वसु ग्राम पंचायत के रूणिचा गांव में यह पैंथर एक कच्चे मकान में जा घुसा, लेकिन गांव के ही बुजुर्ग भंवरलाल मीणा की सूझबूझ से संभावित हादसा टल गया। भंवरलाल ने हिम्मत दिखाते हुए पैंथर को कमरे के भीतर ही बंद कर दिया और तुरंत वन विभाग को सूचना दी।

घटना रविवार सुबह करीब साढ़े छह बजे की बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, पैंथर जंगल से निकलकर गांव में आ गया और हलचल देखते ही एक कच्चे घर में घुस गया। संयोग से उस समय घर के मालिक भंवरलाल मीणा बाहर ही थे। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और शोर मचाकर गांव वालों को सतर्क कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद पैंथर को ट्रैंकुलाईज किया। उसे बेहोशी की अवस्था में सज्जनगढ़ वन क्षेत्र ले जाया गया, जहां स्वास्थ्य जांच के बाद उसे पुनः जंगल में छोड़ा जाएगा।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पैंथर पिछले दो दिनों से इलाके में घूमता दिखाई दे रहा था। शनिवार रात भी उसने गांव के एक बाड़े में घुसकर पशुओं पर हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन लोगों के शोर मचाने पर वह भाग गया था। रविवार सुबह वह फिर शिकार की तलाश में लौटा और खेतों की ओर से होते हुए रिहायशी इलाके में पहुंच गया। इस दौरान उसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह खेतों से गुजरते हुए घरों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

वन विभाग के अनुसार, इलाके में लगातार पैंथरों की आवाजाही के चलते निगरानी बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। भंवरलाल मीणा की त्वरित सूझबूझ से जहां एक बड़ी दुर्घटना टल गई, वहीं वन विभाग की तत्पर कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

Pratahkal Bureau

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