डूंगरपुर (प्रात:काल संवाददाता) – जिले में एक नवजात बालिका को माता द्वारा पारिवारिक कारणों से अभ्यर्पित करने के बाद शिशु गृह में भव्य स्वागत किया गया। बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक डॉ. कल्पित शर्मा के अनुसार, दो दिन पूर्व बाल कल्याण समिति डूंगरपुर को नवजात बालिका सौंपा गया। इसके बाद शिशु गृह के मेनेजर कुलदीप शर्मा ने बालिका की सुरक्षा और स्वास्थ्य की जांच के लिए उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया।

चिकित्सालय में डॉ. गौरव यादव और डॉ. प्रियंक डाभी की देखरेख में बालिका का उपचार किया गया और सुरक्षित रूप से उसे जिला चिकित्सालय से डिस्चार्ज कर राजकीय शिशु गृह सुपुर्द किया गया। बालिका को शिशु गृह में ले जाते समय ड्रम और नगाड़े की धुन पर स्वागत किया गया, जहां बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष भावेश कुमार जैन, सदस्य उमेश रावल एवं बालकृष्ण परमार ने पुष्पवर्षा कर उसकी आभिवादन किया।

बाल अधिकारिता विभाग ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनचाहे या असुरक्षित स्थान पर नवजात बच्चों को न छोड़ें, बल्कि उन्हें बाल कल्याण समिति, जिला चिकित्सालय पालना गृह या राजकीय शिशु गृह में सुरक्षित रूप से अभ्यर्पित करें। ऐसे मामलों में बालक को सौंपने वाले की गोपनीयता बनाए रखी जाती है और उनके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती।

गोद लेने की इच्छुक अभिभावक संबंधित वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कर आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए राजकीय शिशु गृह, जीवन ज्योति हॉस्पिटल के पास, सुभाष नगर कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। इस नवाचार कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हेमन्त सैनी, शिशु गृह की सामाजिक कार्यकर्ता जिमिका भावसार, नर्स मनिषा खराड़ी, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

यह घटना न केवल बाल कल्याण के महत्व को रेखांकित करती है, बल्कि समाज में सुरक्षित अभ्यर्पण और बाल अधिकारिता के प्रति जागरूकता फैलाने का भी संदेश देती है।

Pratahkal Bureau

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